जालंधर : पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही नशा विरोधी मुहिम ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ के तहत जिला प्रशासन द्वारा नशों की रोकथाम और नशे पर निर्भर युवाओं के पुनर्वास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला के तहत जिले के विभिन्न ड्रग हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नशा प्रभावित नौजवानों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने और आत्म-निर्भर बनाने के उद्देश्य से रजिस्ट्रेशन-कम-करियर काउंसलिंग कैंप लगाए जा रहे हैं।
डिप्टी डायरेक्टर रोजगार उत्पत्ति, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण नीलम महे ने जानकारी देते हुए बताया कि इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य नौजवानों को उनकी योग्यता, रुचि और क्षमता के अनुसार रोजगार के उपयुक्त अवसरों के बारे में जानकारी प्रदान करना है। इसके अलावा विभिन्न व्यवसायमुखी एवं कौशल विकास कोर्स तथा स्व-रोजगार के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नौजवानों को रोजगार और स्व-रोजगार के काबिल बनाना, उन्हें नशों से दूर रखने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
उन्होंने बताया कि इस मुहिम के तहत जिले के विभिन्न ड्रग हॉटस्पॉट क्षेत्रों को कवर करते हुए 11 रजिस्ट्रेशन-कम-करियर काउंसलिंग कैंप लगाए जा चुके हैं, जिनमें करीब 300 व्यक्तियों ने भाग लिया और रोजगार कार्यालय में रजिस्ट्रेशन करवाया है। उन्होंने कहा कि नौजवानों को रोजगार से जोड़कर नशों से दूर रखने के लिए जिला रोजगार एवं कारोबार ब्यूरो द्वारा ऐसे कैंप लगातार जारी हैं। उन्होंने नौजवानों से अपील की कि इन कैंपों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और नशा मुक्त तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।