Sunday, 01 November 2026
BREAKING
• मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, स्वयं भी दौड़ में लिया भाग • हरियाणा के खिलाड़ियों के साथ खिलवाड़ कर रही भाजपा सरकारः दिग्विजय चौटाला • संवैधानिक मूल्यों पर मंथन और हरियाणा की विकास यात्रा पर केंद्रित होगा जनप्रतिनिधि सम्मेलन • नितिन नवीन जाएंगे हरियाणा, रोहतक में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में होंगे शामिल • 'बेरहमी से मारा गया...', पंचकूला के एक स्कूल में 6 वर्ष की बच्ची से मारपीट पर बोले परिजन • पंजाब सरकार की ओर से गांवों के विकास को प्राथमिकता, डेराबस्सी के पांच गांवों में 50 लाख रुपये के विकास कार्य शुरू: विधायक कुलजीत सिंह रंधावा • एशियन चैंपियंस ट्रॉफी : लीग चरण अंतिम दौर में दाखिल • हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों की मेजबानी के लिए मोहाली पूरी तरह तैयार • मान सरकार के फास्टट्रैक पोर्टल ने 'ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस' के तहत नए मापदंड स्थापित किए; 16 महीनों में 20 हज़ार से अधिक मंज़ूरियाँ जारी • डॉ. बलजीत कौर: पंजाब सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के सपनों को मिल रहा मजबूत सहारा; वर्ष 2026-27 में 2.70 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा छात्रवृत्ति का लाभ

राष्ट्रीय

वायनाड भूस्खलन का खौफनाक वीडियो: 100 फीट तक फिसला भारी भरकम टैंकर, बाल-बाल बचे 3 लोग

Updated on Tuesday, July 07, 2026 17:09 PM IST

भारी बारिश के बाद आई इस आपदा ने इलाके में भारी तबाही मचाई है। टनल प्रोजेक्ट की साइट को मलबे में दफन करने के साथ ही पहाड़ी से आए सैलाब ने एक चर्च और पास में बने एक घर को भी अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि इन दोनों ढांचों के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। केरल के वायनाड जिले में अनाक्कमपॉइल-कल्लाडी टनल रोड प्रोजेक्ट साइट पर आए भयानक भूस्खलन में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। मलबे से अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चार अन्य लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश में कई एजेंसियों की रेस्क्यू टीमें कल्लाडी के दुर्गम इलाकों में दिन-रात जुटी हुई हैं। इस हादसे में घायल हुए 10 लोगों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।


इस भयानक हादसे का एक खौफनाक वीडियो भी सामने आया है। भूस्खलन के भयावह क्षण का CCTV फुटेज है, जिसमें देखा जा सकता है कि सामने से भूस्खलन हो रहा और सड़क पर चल रहा एक भारी भरकम टैंकर और लोग उसकी चपेट में आ जाते हैं। मलबा टैंकर को करीब 100 फीट तक बहा ले जाता है और जान बचाने के लिए भाग रहे पैदल लोग भी इसकी चपेट में आ जाते हैं।

ये भी पढ़ें:केरल में कुदरत का कहर! वायनाड में बारिश से भूस्खलन, 2 की मौत, 7 लापता
भारी बारिश के बाद आई इस आपदा ने इलाके में भारी तबाही मचाई है। टनल प्रोजेक्ट की साइट को मलबे में दफन करने के साथ ही पहाड़ी से आए सैलाब ने एक चर्च और पास में बने एक घर को भी अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि इन दोनों ढांचों के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त चर्च पूरी तरह खाली था, जबकि मकान मालिक अपने परिवार के साथ मक्का की धार्मिक यात्रा पर गए हुए थे और घर पर ताला लटका था।

पुल टूटने से रेस्क्यू में आ रही भारी दिक्कतें
मलबे और कीचड़ के सैलाब की वजह से प्रभावित इलाकों को जोड़ने वाला एक मुख्य पुल पूरी तरह जमींदोज हो गया है। पुल के मलबे में दबने के कारण इमरजेंसी टीमों और रेस्क्यू के लिए जरूरी भारी क्रेन और मशीनों को घटना स्थल तक पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


तबाही की भयावहता को बयां करते कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में हर तरफ मिट्टी के विशाल ढेर, ढहे हुए मकान और बेहद खराब मौसम के बीच जान जोखिम में डालकर काम करते बचाव दल के जवान नजर आ रहे हैं।


आखिर वायनाड में बार-बार क्यों दरक रहे हैं पहाड़?
यह जिला दशकों से ऐसी जानलेवा आपदाओं का गवाह रहा है और इसे केरल के सबसे संवेदनशील डेंजर जोन में गिना जाता है:

मुंडक्कई का वो गहरा जख्म: साल 2024 में 30 जुलाई को इसी जिले के मुंडक्कई में आए महा-भूस्खलन ने 298 लोगों की जिंदगी लील ली थी। तब करीब 86 हजार वर्ग मीटर का पूरा इलाका मलबे के ढेर में तब्दील हो गया था।

तबाही का पुराना इतिहास: वायनाड में भूस्खलन का इतिहास बहुत पुराना है। इससे पहले 1984 के मुंडक्कई हादसे में 14 मौतें, 1992 के कप्पिक्कलम भूस्खलन में 11 मौतें और 2007 के वलमथोड हादसे में 4 लोगों की जान गई थी।


भौगोलिक रूप से बेहद कमजोर: पश्चिमी घाट की गोद में बसा वायनाड भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील है। भू-वैज्ञानिकों के मुताबिक, वायनाड-मलप्पुरम और कोझिकोड सीमा से सटी पहाड़ियां सबसे ज्यादा जोखिम वाले क्षेत्रों में आती हैं।

भूकंप का भी खतरा: केरल का लगभग 17,000 वर्ग किलोमीटर का पहाड़ी इलाका भूस्खलन की जद में है, जिसमें वायनाड सबसे ऊपर है। इसके अलावा, यह जिला मध्यम स्तर के भूकंपीय क्षेत्र (जोन-3) में भी आता है।

भूस्खलन का यह खतरा सिर्फ केरल तक सीमित नहीं है। भारत दुनिया के शीर्ष 5 सबसे अधिक भूस्खलन प्रभावित देशों में शामिल है। देश का लगभग 4.2 लाख वर्ग किलोमीटर इलाका (कुल भूभाग का करीब 12.6 प्रतिशत हिस्सा) इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील है।

 

Have something to say? Post your comment
पीएम मोदी ने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर सरदार पटेल को अर्पित की पुष्पांजलि, 400 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का किया शुभारंभ

: पीएम मोदी ने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर सरदार पटेल को अर्पित की पुष्पांजलि, 400 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का किया शुभारंभ

बैंकिंग क्षेत्र में बड़े सुधार की तैयारी, सरकार ने गठित की उच्च स्तरीय समिति

: बैंकिंग क्षेत्र में बड़े सुधार की तैयारी, सरकार ने गठित की उच्च स्तरीय समिति

राष्ट्रीय एकता दिवस पर सीएम योगी समेत कई मुख्यमंत्रियों ने सरदार पटेल को किया नमन

: राष्ट्रीय एकता दिवस पर सीएम योगी समेत कई मुख्यमंत्रियों ने सरदार पटेल को किया नमन

अटलांटा जी20 बैठक में जयशंकर ने कनाडा, ब्राजील, अर्जेंटीना, मैक्सिको और जर्मनी के विदेश मंत्रियों से की मुलाकात

: अटलांटा जी20 बैठक में जयशंकर ने कनाडा, ब्राजील, अर्जेंटीना, मैक्सिको और जर्मनी के विदेश मंत्रियों से की मुलाकात

सरदार पटेल जयंती पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और केंद्रीय गृहमंत्री समेत नेताओं ने अर्पित की पुष्पांजलि

: सरदार पटेल जयंती पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और केंद्रीय गृहमंत्री समेत नेताओं ने अर्पित की पुष्पांजलि

प्रधानमंत्री मोदी ने एनवीएस-03 की सफल लॉन्चिंग पर इसरो वैज्ञानिकों को दी बधाई

: प्रधानमंत्री मोदी ने एनवीएस-03 की सफल लॉन्चिंग पर इसरो वैज्ञानिकों को दी बधाई

वाराणसी-नई दिल्ली के बीच कल से दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, योगी आदित्यनाथ और अश्विनी वैष्णव दिखाएंगे हरी झंडी

: वाराणसी-नई दिल्ली के बीच कल से दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, योगी आदित्यनाथ और अश्विनी वैष्णव दिखाएंगे हरी झंडी

सरदार पटेल ने आजादी के बाद सिर्फ 1,218 दिन में वो करके दिखाया, जो सबको असंभव लगता था : अमित शाह

: सरदार पटेल ने आजादी के बाद सिर्फ 1,218 दिन में वो करके दिखाया, जो सबको असंभव लगता था : अमित शाह

1 नवंबर को प्रस्तावित रैली से व्यापारी वर्ग में चिंता, सीटीआई ने इंडिया ब्लॉक के घटक दलों को लिखा पत्र

: 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली से व्यापारी वर्ग में चिंता, सीटीआई ने इंडिया ब्लॉक के घटक दलों को लिखा पत्र

इसरो प्रमुख बोले- 'भारत के पास अब 4 नेविगेशन सैटेलाइट, कुछ महीनों में गगनयान समेत 5 और लॉन्च का लक्ष्य'

: इसरो प्रमुख बोले- 'भारत के पास अब 4 नेविगेशन सैटेलाइट, कुछ महीनों में गगनयान समेत 5 और लॉन्च का लक्ष्य'

X