नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित पटेल चौक में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई नेताओं ने भी सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी।
पटेल चौक पर नेताओं ने अर्पित की पुष्पांजलि
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज भी इस अवसर पर मौजूद रहीं और उन्होंने भी श्रद्धांजलि दी।
महत्वपूर्ण प्रशासनिक क्षेत्र है पटेल चौक
नई दिल्ली का पटेल चौक शहर के महत्वपूर्ण और प्रशासनिक रूप से व्यस्त इलाकों में शामिल है। इसका नाम भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर रखा गया है। सेंट्रल दिल्ली में स्थित इस क्षेत्र के आसपास कई प्रमुख सरकारी कार्यालय, मंत्रालय और संस्थान हैं।
31 अक्टूबर 1875 को हुआ था जन्म
सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। वह स्वतंत्रता सेनानी, वकील और प्रमुख राजनेता थे। आजादी के बाद उन्होंने देश के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
2014 से मनाया जा रहा राष्ट्रीय एकता दिवस
भारत सरकार ने वर्ष 2014 में सरदार पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाने की शुरुआत की थी। इस दिवस का उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को मजबूत करने का संदेश देना है। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
‘रन फॉर यूनिटी’ और एकता मार्च का आयोजन
राष्ट्रीय एकता दिवस पर देशभर में ‘रन फॉर यूनिटी’ और एकता मार्च जैसे आयोजन किए जाते हैं। इस बार एकता नगर में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन शाम को किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बनासकांठा के एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी देते हुए युवाओं से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की थी।
500 से अधिक रियासतों के एकीकरण में अहम भूमिका
आजादी के बाद 500 से अधिक रियासतों को भारत संघ में शामिल कर देश के राजनीतिक एकीकरण में सरदार वल्लभभाई पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी योगदान के कारण उन्हें ‘लौह पुरुष’ और भारत के एकीकरणकर्ता के रूप में जाना जाता है। उनका निधन 15 दिसंबर 1950 को हुआ था।