हिसार : हरियाणा के हिसार जिले की बेटी कंसिका बंसल ने पूरे देश में अपने शहर और प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। उन्होंने सीए फाउंडेशन परीक्षा में 400 में से 361 अंक हासिल करके ऑल इंडिया पहली रैंक प्राप्त की है। उनकी इस शानदार सफलता से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा हिसार और हरियाणा गर्व महसूस कर रहा है। घर में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। कंसिका ने अपनी सफलता का श्रेय लगातार कड़ी मेहनत, रोजाना 6 से 7 घंटे की पढ़ाई और नियमित मॉक टेस्ट को दिया है। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने कभी भी अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं भटकने दिया। उन्होंने अनुशासन और निरंतरता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। समाचार एजेंसी से बात करते हुए कंसिका बंसल ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने बिल्कुल भी यह उम्मीद नहीं की थी कि उन्हें फर्स्ट रैंक मिल जाएगी। उन्हें लगता था कि टॉप-2 में आ सकती हैं लेकिन फर्स्ट रैंक आना उनके लिए भी किसी सपने जैसा था। उन्होंने कहा कि जब परिणाम आया तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
पढ़ाई के दौरान आने वाली कठिनाइयों के बारे में पूछे जाने पर कंसिका ने कहा कि उतार-चढ़ाव तो हर तैयारी में आते ही रहते हैं लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि उन्हें हर कदम पर भरपूर सहयोग मिला। परिवार की ओर से उन्हें पूरा सपोर्ट मिला। माता-पिता, शिक्षकों और भाई ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। जब भी उन्हें किसी विषय में संदेह होता था, वे बिना किसी झिझक के अपने माता-पिता से पूछ लेती थीं, शिक्षकों को कॉल कर लेती थीं और भाई से बात कर लेती थीं। इस सहयोग ने ही उन्हें मुश्किल समय में भी आगे बढ़ने की ताकत दी।
अपनी शिक्षा और सीए चुनने के कारण के बारे में कंसिका ने बताया कि उन्होंने 12वीं कक्षा की पढ़ाई हिसार स्थित न्यू लाहौरिया विद्या मंदिर स्कूल से की है। 12वीं के बाद वह अच्छे करियर विकल्प को लेकर थोड़ी असमंजस में थीं। इसी दौरान उनके चाचा ने उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि सीए एक बेहतर विकल्प है और इसमें काफी संभावनाएं हैं। कंसिका की भी फाइनेंस में रुचि थी, इसलिए उन्होंने सीए करने का फैसला किया।
अपने भविष्य की योजनाओं के बारे में कंसिका ने कहा कि अभी वह अपनी सीए की पढ़ाई पूरी करना चाहती हैं। शॉर्ट टर्म में उनका लक्ष्य सीए इंटरमीडिएट में भी फर्स्ट रैंक हासिल करना है। इसके लिए वह पूरी मेहनत करेंगी, ताकि उनकी रैंक बरकरार रहे। उन्होंने कहा कि वह आगे भी इसी तरह अनुशासन और मेहनत के साथ पढ़ाई जारी रखेंगी।
आज के समय में युवाओं के सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग के बारे में पूछे जाने पर कंसिका ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया का इस्तेमाल जरूर किया, लेकिन सकारात्मक तरीके से किया। उन्होंने कभी भी सोशल मीडिया को अपना ध्यान भटकाने वाला माध्यम नहीं बनने दिया। उन्होंने सोशल मीडिया को अपने नियंत्रण में रखा, सोशल मीडिया ने उन्हें नियंत्रित नहीं किया। जब उनका दिन का लक्ष्य पूरा हो जाता था, तब वह 10 से 15 मिनट के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करती थीं।
अपनी पढ़ाई के समय के बारे में कंसिका ने बताया कि वह रोजाना 7 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करती थीं। इसके अलावा उनकी 6 घंटे की एकेडमी भी होती थी। एकेडमी का समय ज्यादा लंबा नहीं होता था, जिससे उन्हें सेल्फ स्टडी के लिए पर्याप्त समय मिल जाता था। यही कारण है कि वह हर विषय को गहराई से समझ पाईं और नियमित रूप से रिवीजन कर पाईं।
परीक्षा के दबाव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि दबाव तो जरूर होता है, खासकर परीक्षा के समय यह और बढ़ जाता है। लेकिन इसे संभालने के लिए उन्हें काफी सहयोग मिला। जब भी उन्हें दबाव महसूस होता था, तो वह थोड़ा ब्रेक ले लेती थीं और फिर दोबारा नई ऊर्जा के साथ पढ़ाई शुरू कर देती थीं।
वहीं, कंसिका के पिता शिव कुमार बंसल ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि घर में खुशी का माहौल है। बेटी ने ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक हासिल की है। इससे उन्हें, उनके परिवार को बहुत खुशी है। यह सब बेटी की मेहनत और भगवान के आशीर्वाद से हुआ है। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि बेटी इंटर में भी ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक लाए और एक अच्छी सीए बने।
अपनी बेटी की दिनचर्या के बारे में बताते हुए शिव कुमार ने कहा कि कंसिका सुबह जल्दी उठती थी, एकेडमी जाती थी, एक घंटे का ब्रेक लेने के बाद छह-सात घंटे पढ़ाई करती थी और बहुत मेहनत करती थी।