जालंधर : पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही नशा विरोधी मुहिम ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ के तहत जिला प्रशासन द्वारा नशों की रोकथाम, नशा प्रभावित व्यक्तियों की पहचान, उपचार और उनके पुनर्वास के लिए लगातार ठोस प्रयास किए जा रहे है। इस मुहिम को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के विभिन्न ड्रग हॉटस्पॉट क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच कैंप, जागरूकता गतिविधियाँ और प्रशिक्षण प्रोग्राम करवाए जा रहे है, ताकि नशे पर निर्भर व्यक्तियों को उचित उपचार एवं काउंसलिंग उपलब्ध करवाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पिछले एक महीने के दौरान जिले के विभिन्न हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 47 स्वास्थ्य जांच कैंप लगाए गए, जिनमें 1087 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की गई। उन्होंने बताया कि लोगों को नशों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए जागरूकता गतिविधियाँ भी जारी है, जिसके तहत 118 जागरूकता शिविर लगाए गए हैं।
सिविल सर्जन ने बताया कि इस अवधि के दौरान हॉटस्पॉट क्षेत्रों से 157 व्यक्तियों को नशा मुक्ति केंद्रों, पुनर्वास केंद्रों और ओट (देखभाल) केंद्रों में उपचार के लिए नामांकित किया गया। उन्होंने बताया कि नशा प्रभावित व्यक्तियों की निरंतर देखभाल और उपचार की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए 105 फॉलोअप भी किए गए है। उन्होंने यह भी बताया कि मुहिम को जमीनी स्तर पर और अधिक असरदार तरीके से लागू करने के लिए 375 स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि नशीली और अवैध दवाओं की बिक्री रोकने के लिए 22 मेडिकल दुकानों की जांच भी की गई है।