Thursday, 05 November 2026
BREAKING
• धनतेरस से एक दिन पहले सोना-चांदी में जोरदार उछाल, 2 प्रतिशत तक चढ़े भाव, ट्रंप की हार के बाद बढ़ी खरीदारी • अमेरिकी चुनाव नतीजों के बाद धड़ाम हुआ कच्चा तेल, ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर से नीचे फिसला • सकारात्मक वैश्विक संकेतों से बाजार में जोरदार रैली; सेंसेक्स 1,600 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी में 1.80 प्रतिशत की तेजी • सेबी ने विदेशी निवेशकों को भारत आए बिना डिजिटल केवाईसी की अनुमति दी • अमूल ने घी और मक्खन की कीमतों को 50 रुपए तक बढ़ाया, एक किलो वाले पैक की कीमत 680 रुपए हुई • पीएम मोदी 5 नवंबर को एशियन पैरा गेम्स 2026 के भारतीय खिलाड़ियों से करेंगे संवाद • भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री दो दिवसीय दौरे पर काठमांडू पहुंचे • ग्लोबल साउथ के देशों को मिलेगा सस्ती और टिकाऊ तकनीक का लाभ, CSIR-DAKSHIN के बीच समझौता • भारतीय रेलवे ने अक्टूबर में दर्ज की अब तक की सबसे अधिक माल ढुलाई, 145.07 मिलियन टन पहुंचा आंकड़ा • NTPC की 2032 तक बिजली उत्पादन क्षमता 149 GW करने की योजना, 58 GW की होगी बढ़ोतरी

व्यापार

अमेरिकी चुनाव नतीजों के बाद धड़ाम हुआ कच्चा तेल, ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर से नीचे फिसला

Updated on Thursday, November 05, 2026 11:28 AM IST

नई दिल्ली: वैश्विक कच्चे तेल बाजार में गुरुवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 94 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई भी 87 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गया। अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत और ईरान के साथ संभावित तनाव कम होने की उम्मीदों ने तेल की कीमतों पर भारी दबाव डाला है।

इस बीच, भारतीय रुपया लगातार पांचवें सत्र में मजबूत हुआ। बुधवार को 94.64 के स्तर पर बंद होने के बाद रुपया गुरुवार को 29 पैसे की बढ़त के साथ 94.35 प्रति डॉलर पर खुला।

बाजार में सबसे बड़ी चिंता रहे पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक जोखिमों का असर अब कम होता दिखाई दे रहा है। निवेशकों का मानना है कि अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक बढ़त के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए ईरान के खिलाफ आक्रामक सैन्य रुख अपनाना पहले की तुलना में अधिक कठिन हो सकता है। इससे कूटनीतिक समाधान की उम्मीद बढ़ी है और तेल बाजार में जोखिम प्रीमियम कम हुआ है।

गुरुवार को ब्रेंट क्रूड करीब 1 प्रतिशत गिरकर 93.65 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.36 प्रतिशत टूटकर 86.92 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। इससे पहले दोनों बेंचमार्क बुधवार को 8 प्रतिशत से अधिक टूटे थे और अगस्त के अंत के बाद के सबसे निचले स्तर पर बंद हुए थे।

इस सप्ताह अब तक कच्चे तेल की कीमतों में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है, जो हाल के वर्षों की सबसे तेज साप्ताहिक गिरावटों में से एक मानी जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, खाड़ी देशों के सरकारी हलकों से जुड़े सूत्रों का मानना है कि ईरान पर बड़े पैमाने के सैन्य हमले की संभावना अब पहले की तुलना में कम हो गई है। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि फिलहाल अमेरिका की ओर से ईरान पर तत्काल हमला करने की कोई योजना नहीं है।

इसके साथ ही उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी युद्ध की उपयोगिता पर सवाल उठाए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी नतीजों के बाद अमेरिकी प्रशासन पर कूटनीतिक समाधान खोजने का दबाव बढ़ सकता है। इसी उम्मीद ने बाजार में भारी बिकवाली को जन्म दिया।

कच्चे तेल की आपूर्ति स्थिति में भी सुधार के संकेत मिले हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति लगभग युद्ध-पूर्व स्तरों के करीब पहुंचने लगी है। इससे वैश्विक बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हुई हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र से तेल आपूर्ति बहाल होने के बाद वैश्विक तेल बाजार एक बार फिर अधिशेष (सरप्लस) की स्थिति में पहुंच रहा है। बैंक का अनुमान है कि सितंबर में वैश्विक बाजार में प्रतिदिन लगभग 11 लाख बैरल और अक्टूबर में 14 लाख बैरल अतिरिक्त आपूर्ति रही।

हालांकि ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट को स्थायी मान लेना जल्दबाजी होगी। उनका कहना है कि भू-राजनीतिक हालात तेजी से बदल सकते हैं और अमेरिकी कांग्रेस की नई संरचना जनवरी से प्रभावी होगी, इसलिए तत्काल नीति परिवर्तन की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

इसके अलावा, प्रमुख उपभोक्ता देशों में वाणिज्यिक तेल भंडार पिछले 15 वर्षों के निचले स्तर के करीब हैं। अमेरिका में भी पिछले सप्ताह कच्चे तेल, पेट्रोल और डिस्टिलेट के भंडार घटे हैं, जबकि मांग एक वर्ष के उच्च स्तर पर पहुंची है। ऐसे में कीमतों में तेज गिरावट लंबे समय तक बनी रहेगी, इस पर अभी निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता।

 

Have something to say? Post your comment
धनतेरस से एक दिन पहले सोना-चांदी में जोरदार उछाल, 2 प्रतिशत तक चढ़े भाव, ट्रंप की हार के बाद बढ़ी खरीदारी

: धनतेरस से एक दिन पहले सोना-चांदी में जोरदार उछाल, 2 प्रतिशत तक चढ़े भाव, ट्रंप की हार के बाद बढ़ी खरीदारी

सकारात्मक वैश्विक संकेतों से बाजार में जोरदार रैली; सेंसेक्स 1,600 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी में 1.80 प्रतिशत की तेजी

: सकारात्मक वैश्विक संकेतों से बाजार में जोरदार रैली; सेंसेक्स 1,600 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी में 1.80 प्रतिशत की तेजी

सेबी ने विदेशी निवेशकों को भारत आए बिना डिजिटल केवाईसी की अनुमति दी

: सेबी ने विदेशी निवेशकों को भारत आए बिना डिजिटल केवाईसी की अनुमति दी

कच्चे तेल में गिरावट से बाजार को सहारा, सेंसेक्स 384 अंक चढ़ा; निफ्टी 23,960 पर बंद

: कच्चे तेल में गिरावट से बाजार को सहारा, सेंसेक्स 384 अंक चढ़ा; निफ्टी 23,960 पर बंद

आरबीआई ने वित्तीय बाजारों के लिए नई समिति टीसीसीएफएम का किया गठन

: आरबीआई ने वित्तीय बाजारों के लिए नई समिति टीसीसीएफएम का किया गठन

भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि चार महीने के उच्चतम स्तर पर, अक्टूबर में PMI बढ़कर 55.8

: भारत के सेवा क्षेत्र की वृद्धि चार महीने के उच्चतम स्तर पर, अक्टूबर में PMI बढ़कर 55.8

लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा उछला

: लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा उछला

आईटीसी का दूसरी तिमाही में मुनाफा 20 प्रतिशत घटा; आय 18,401 करोड़ रुपए रही

: आईटीसी का दूसरी तिमाही में मुनाफा 20 प्रतिशत घटा; आय 18,401 करोड़ रुपए रही

कैपिटल गेन टैक्स को लेकर विदेशी निवेशकों की चिंताएं सुनेगी सरकार : वित्त मंत्री सीतारमण

: कैपिटल गेन टैक्स को लेकर विदेशी निवेशकों की चिंताएं सुनेगी सरकार : वित्त मंत्री सीतारमण

राजनीतिक आयोजन खत्म हो जाते हैं, लेकिन व्यापारिक नुकसान लंबे समय तक रहता है: इंडिया ब्लॉक रैली पर दिल्ली व्यापार महासंघ

: राजनीतिक आयोजन खत्म हो जाते हैं, लेकिन व्यापारिक नुकसान लंबे समय तक रहता है: इंडिया ब्लॉक रैली पर दिल्ली व्यापार महासंघ

X