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राष्ट्रीय

पीएम मोदी ने साझा किया सुभाषित: ‘सत्य, शुभ और ज्ञानवर्धक वचन सुनें, कल्याणकारी विचारों को अपनाएं’

Updated on Monday, August 10, 2026 12:44 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक सुभाषित साझा किया। इसमें उन्होंने सत्य, शुभ और ज्ञानवर्धक वचनों को सुनने तथा कल्याणकारी विचारों को अपनाने की प्रेरणा दी।

पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री ने लिखा, “हम सत्य, शुभ और ज्ञानवर्धक वचन सुनें, कल्याणकारी विचारों को अपनाएं। स्वस्थ शरीर, उत्तम आचरण और श्रेष्ठ गुणों के साथ जीवन को लोकहित में समर्पित करें तथा सत्य, प्रामाणिक और जनहितकारी सूचनाओं का प्रसार कर राष्ट्र और समाज को जागरूक, सशक्त तथा समरस बनाएं।”

इसके साथ उन्होंने यह संस्कृत श्लोक भी साझा किया—
“भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः॥
स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिर्व्यशेम देवहितं यदायुः॥”

पिछले दिनों भी साझा किए गए सुभाषित
इससे पहले 7 अगस्त को प्रधानमंत्री ने एक अन्य सुभाषित पोस्ट किया था। तब पीएम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा था…

“किं चन्द्रमाः प्रत्युपकारलिप्सया करोति गोभिः कुमुदावबोधनम्।
स्वभाव एवोन्नतचेतसां सतां परोपकारव्यसनं हि जीवितम्॥”

इसका अर्थ है कि चंद्रमा किसी प्रत्युपकार की इच्छा से कमल को प्रकाशित नहीं करता, बल्कि यह उसका स्वाभाविक गुण है। उसी प्रकार उदार हृदय वाले सज्जन बिना स्वार्थ के दूसरों का हित करते हैं।6 अगस्त को उन्होंने पृथ्वी माता की सेवा से जुड़े श्लोक को साझा किया था—

“विश्वस्वं मातरमोषधीनां ध्रुवां भूमिं पृथिवीं धर्मणा धृताम्।
शिवां स्योनामनु चरेम विश्वहा॥”

इसका भाव है कि सभी औषधियों और वनस्पतियों वाली स्थिर पृथ्वी माता की हम सदैव सेवा करें, जो कल्याणकारी और सुखदायी है। प्रधानमंत्री मोदी नियमित रूप से ऐसे सुभाषित और संस्कृत श्लोक साझा कर लोगों को सकारात्मक विचारों और लोकहित की प्रेरणा देते रहते हैं।

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