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भविष्य के युद्ध के लिए सेना की तैयारी, आत्मनिर्भरता व नवाचार पर फोकस

Updated on Sunday, August 09, 2026 16:10 PM IST

नई दिल्ली: भारतीय सेना की परिचालन और सैन्य तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने आयुध उत्पादन, रसद व्यवस्था, प्रशिक्षण, तकनीकी नवाचार और आपदा राहत तैयारियों की समीक्षा की। उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने खमरिया और जबलपुर में सेना की तैयारियों का जायजा लिया, वहीं मध्य कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने आगरा स्थित केंद्रीय आयुध डिपो का दौरा कर रसद तंत्र और आधुनिकीकरण की प्रगति की समीक्षा की। दोनों अधिकारियों ने बदलती सुरक्षा चुनौतियों के बीच सेना को भविष्य के लिए तैयार रखने, आत्मनिर्भरता बढ़ाने और मजबूत एवं त्वरित रसद सहायता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

भारतीय थल सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने खमरिया स्थित आयुध कारखाने का दौरा किया। यहां उन्होंने भारतीय सेना की ऑपरेशनल व रसद संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रतिष्ठान में चल रही प्रमुख परियोजनाओं और उत्पादन से जुड़ी पहलों की जानकारी ली। लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने तथा देश के रक्षा औद्योगिक तंत्र को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जायजा लिया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सेना की जरूरतों के अनुरूप स्वदेशी क्षमताओं का विकास और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भविष्य की सैन्य तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके बाद सेना के उप प्रमुख ने जबलपुर स्थित मुख्यालय मध्य भारत क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने गठन की परिचालन तैयारियों की समीक्षा करने के साथ-साथ विशेष मानवीय सहायता एवं आपदा राहत तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने सैनिकों के प्रशिक्षण तथा बुनियादी ढांचे के विकास के लिए चल रही विभिन्न पहलों की भी जानकारी ली।

लेफ्टिनेंट जनरल जैन ने जबलपुर स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट का भी दौरा किया। यहां उन्होंने संस्थान की तैयारियों, प्रशिक्षण व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। सेना के उप प्रमुख ने सभी प्रतिष्ठानों में व्यावसायिक दक्षता, तकनीकी नवाचार और बेहतर कार्यप्रणाली के उच्च मानकों की सराहना की। उन्होंने सभी सैन्यकर्मियों से कहा कि वे युद्धक दक्षता के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखें और उभरती तथा भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहें।

दूसरी ओर, मध्य कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने आगरा स्थित केंद्रीय आयुध डिपो का दौरा किया और वहां की परिचालन व्यवस्था, रसद संबंधी बुनियादी ढांचे तथा आधुनिकीकरण से जुड़ी पहलों की समीक्षा की। दौरे में लेफ्टिनेंट जनरल सेनगुप्ता को डिपो में अपनाई जा रही आधुनिक भंडार प्रबंधन प्रणालियों, तकनीक आधारित प्रक्रियाओं और रसद व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

उन्हें बताया गया कि तकनीक के अधिक इस्तेमाल के माध्यम से संसाधनों के प्रबंधन, सामग्री की उपलब्धता और विभिन्न सैन्य इकाइयों तक आवश्यक सामान की निर्बाध आपूर्ति को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन पहलों का उद्देश्य क्षेत्र में तैनात सैन्य संरचनाओं को तेज और प्रभावी रसद सहायता उपलब्ध कराना है।

उन्होंने सभी रैंकों के सैन्यकर्मियों से बातचीत के दौरान उनके व्यावसायिक कौशल, समर्पण और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए तैयार सेना के निर्माण में निरंतर नवाचार, तकनीकी एकीकरण और संसाधनों का कुशल प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण है।

 

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