Saturday, 31 October 2026
BREAKING
• पदक कुछ क्षणों में गले में डलता है, लेकिन उसे हासिल करने के लिए खिलाड़ी अपना जीवन लगा देता है : नायब सिंह सैनी • जनप्रतिनिधि सम्मेलन संविधान के प्रति प्रतिबद्धता और विधायी संस्थाओं की गरिमा को करेगा सुदृढ़ : हरविन्द्र कल्याण • प्रतिस्पर्धा के दौर में नवोन्मेष ही सफलता की असली पहचान है : अशोक बुवानीवाला • लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही जरूरी : कुमारी सैलजा • कांग्रेस ने गन्ने के रेट में 165 प्रतिशत तो बीजेपी ने की मात्र 39 प्रतिशत बढ़ोत्तरी : भूपेंद्र हुड्डा • चीनी के दाम 55% तक बढ़े, फिर गन्ना किसानों को क्यों नहीं मिल रहा फायदा? : दीपेंद्र हुड्डा • अधिकारी की सादगी ने जीता दिल, सेवानिवृत्त कर्मचारी को खुद गाड़ी चलाकर घर छोड़ने पहुंचे IAS सुशील सारवान • ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में हरियाणा से बड़ी भागीदारी की तैयारी, सुरजेवाला से मिले संजय दत्त और राव नरेंद्र सिंह • ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली के लिए कांग्रेस ने तेज की तैयारियां, करनाल-पानीपत-सोनीपत में हुईं बैठकें • राहुल गांधी की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में शामिल होने की हिमाचल के सीएम ने की अपील

राष्ट्रीय

2035 तक बनेगा भारत का अंतरिक्ष स्टेशन, 2027 में लॉन्च होगा पहला मानव मिशन ‘गगनयान’

Updated on Thursday, August 06, 2026 13:04 PM IST

केंद्रीय विज्ञान एवं अंतरिक्ष मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद को बताया कि भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीएएस) को वर्ष 2035 तक संचालन में लाने का लक्ष्य है। इसरो ने पांच मॉड्यूल वाले भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की समग्र संरचना तैयार कर ली है। सरकार ने बीएएस-01 के पहले मॉड्यूल के विकास और प्रक्षेपण को मंजूरी दे दी है। बीएएस-01 की सिस्टम इंजीनियरिंग तथा विभिन्न उप-प्रणालियों की तकनीकी विकास गतिविधियां इसरो के विभिन्न केंद्रों और इकाइयों में जारी हैं।

जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में जानकारी देते हुए कहा कि व्योममित्र हाफ-ह्यूमनॉइड सहित पहली बार विकसित की जा रही विभिन्न तकनीकों को मान्य करने के लिए पहला मानव रहित प्रायोगिक मिशन 2026 की चौथी तिमाही में लक्षित है। इसके बाद पहले मानवयुक्त मिशन जैसी संरचना वाले दो और मानवरहित मिशन तथा पहला मानवयुक्त गगनयान मिशन वर्ष 2027 तक भेजने का लक्ष्य रखा गया है।

अंतरिक्ष विभाग के अनुसार, गगनयान मिशन के अंतर्गत मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए आवश्यक मानकों को प्रमाणित करने वाली विकास गतिविधियों में निम्नलिखित शामिल हैं-

मानव रेटेड प्रक्षेपण यान (एचएलवीएम3): सभी प्रोपल्शन चरणों और संरचनाओं का विकास तथा जमीनी परीक्षण पूरा हो चुका है।

ऑर्बिटल मॉड्यूल: क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल की प्रोपल्शन प्रणालियों का विकास, परीक्षण और प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है। पर्यावरण नियंत्रण एवं जीवन रक्षक प्रणाली (ईसीएलएसएस) का इंजीनियरिंग मॉडल तैयार किया गया है। अवरोहण प्रणाली, क्रू मॉड्यूल को सीधा रखने वाली प्रणाली, ताप सुरक्षा प्रणाली और एंड-टू-एंड एवियोनिक्स का विकास और परीक्षण भी पूरा हो चुका है।

क्रू एस्केप सिस्टम (सीईएस): पांच प्रकार की मोटर विकसित कर उनका स्थैतिक परीक्षण किया गया है। सीईएस की सभी संरचनाएं तैयार कर प्रमाणित की जा चुकी हैं।

बुनियादी ढांचा: ऑर्बिटल मॉड्यूल तैयारी सुविधा, गगनयान नियंत्रण केंद्र, गगनयान नियंत्रण सुविधा, अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र तथा दूसरे प्रक्षेपण परिसर में आवश्यक संशोधन पूरे किए जा चुके हैं।

परीक्षण मिशन: उड़ान के दौरान क्रू एस्केप सिस्टम के सत्यापन के लिए पहला टेस्ट व्हीकल मिशन टीवी-डी1 सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। अवरोहण प्रणाली के परीक्षण के लिए इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट-01 (आईएडीटी-01) और आईएडीटी-02 भी सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं। टीवी-डी2 मिशन की तैयारियां जारी हैं।

उड़ान संचालन और संचार नेटवर्क: ग्राउंड नेटवर्क का कॉन्फिगरेशन अंतिम रूप दिया जा चुका है। आईडीआरएसएस-1 फीडर स्टेशन और स्थलीय संचार लिंक स्थापित किए जा चुके हैं। अन्य अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ सहयोग के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

क्रू रिकवरी ऑपरेशन: रिकवरी संसाधनों को अंतिम रूप दे दिया गया है और रिकवरी योजना तैयार कर ली गई है।

20,193 करोड़ रुपए के बजटीय आवंटन को मंजूरी

इसके साथ ही गगनयान के लिए विकसित नई प्रणालियों के प्रदर्शन हेतु विभिन्न जमीनी योग्यता परीक्षण भी जारी हैं। मंत्रिमंडल ने सितंबर 2024 में 8 मिशनों को पूरा करने के लिए 20,193 करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन को मंजूरी दी थी।

मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए इसरो का कई अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ सहयोग

इसरो मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के विभिन्न क्षेत्रों में कई अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के सहयोग से गगनयान मिशनों के लिए नेटवर्क संचालन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। ऑस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष एजेंसी के साथ समझौते के अंतर्गत गगनयान मिशनों के लिए क्रू और क्रू मॉड्यूल की रिकवरी में सहयोग किया जा रहा है। फ्रांस की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी के सहयोग से इसरो के फ्लाइट सर्जनों और ग्राउंड सपोर्ट टीमों को प्रशिक्षण दिया गया है।

इसके अलावा, इसरो और रूस की राज्य अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के बीच मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम में सहयोग के लिए समझौता हुआ है। इसके अंतर्गत क्रू सीट, व्यूपोर्ट, फ्लाइट सूट, विंड टनल परीक्षण जैसी प्रणालियों की आपूर्ति के साथ-साथ पहले बैच के गगनयात्रियों को गागरिन कॉस्मोनॉट प्रशिक्षण केंद्र में सामान्य अंतरिक्ष उड़ान प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।

 

Have something to say? Post your comment
'बनासकांठा के किसान खुद आलू को सोना बना रहे हैं', पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तंज

: 'बनासकांठा के किसान खुद आलू को सोना बना रहे हैं', पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तंज

राष्ट्रीय संग्रहालय में पर्यावरण संरक्षण पर संगोष्ठी आयोजित, प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित

: राष्ट्रीय संग्रहालय में पर्यावरण संरक्षण पर संगोष्ठी आयोजित, प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित

प्रधानमंत्री मोदी ने जारी की पीएम-किसान की 24वीं किस्त, 9.34 करोड़ किसान परिवारों को मिले 18,680 करोड़ रुपए

: प्रधानमंत्री मोदी ने जारी की पीएम-किसान की 24वीं किस्त, 9.34 करोड़ किसान परिवारों को मिले 18,680 करोड़ रुपए

कुछ लोगों का प्लान देश में अफरातफरी फैलाना था ताकि मोदी को बदनाम कर सकें: पीएम मोदी

: कुछ लोगों का प्लान देश में अफरातफरी फैलाना था ताकि मोदी को बदनाम कर सकें: पीएम मोदी

जीवन के अंतिम क्षण तक जनता की सेवा में जुटा रहूंगा: प्रधानमंत्री मोदी

: जीवन के अंतिम क्षण तक जनता की सेवा में जुटा रहूंगा: प्रधानमंत्री मोदी

भारत के 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य के लिए 2.5 ट्रिलियन डॉलर निवेश की जरूरत: एसोचैम

: भारत के 500 गीगावाट स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य के लिए 2.5 ट्रिलियन डॉलर निवेश की जरूरत: एसोचैम

भारत और श्रीलंका की नौसेना का शक्ति प्रदर्शन, युद्धपोतों ने किया संयुक्त अभ्यास

: भारत और श्रीलंका की नौसेना का शक्ति प्रदर्शन, युद्धपोतों ने किया संयुक्त अभ्यास

भारत-बेल्जियम-लक्जमबर्ग के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर, 19वां संयुक्त आयोग सत्र आयोजित

: भारत-बेल्जियम-लक्जमबर्ग के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर, 19वां संयुक्त आयोग सत्र आयोजित

हमारे किसान विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक: पीएम मोदी

: हमारे किसान विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक: पीएम मोदी

अटलांटा पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिका ने समुद्री मार्गों, ऊर्जा और सप्लाई चेन पर दिया जोर

: अटलांटा पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिका ने समुद्री मार्गों, ऊर्जा और सप्लाई चेन पर दिया जोर

X