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सेना की पहचान केवल रणभूमि में नहीं, बल्कि मानवीय सहायता से भी होती है : राजनाथ सिंह

Updated on Wednesday, July 29, 2026 16:08 PM IST

नई दिल्ली : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि भारतीय सेनाओं की पहचान केवल रणभूमि में पराक्रम से नहीं, बल्कि मानवीय सहायता और आपदा राहत में उनकी संवेदनशीलता से भी है। उन्होंने कहा कि युद्ध हो, प्राकृतिक आपदा हो या मानवीय संकट, हमारे सैनिक हमेशा सेवा को सर्वोपरि रखते हैं।

दरअसल, लखनऊ के कमांड हॉस्पिटल में एक अलग ‘डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री मेडिसिन' की स्थापना हो रही है। इस अवसर पर बुधवार को रक्षा मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह बात कही। उन्होंने बताया कि हमारे सैनिक दुनिया के कुछ सबसे जटिल क्षेत्रों में, सबसे कठिन मौसम में तैनात रहते हैं। सियाचिन की बर्फीली ऊंचाइयों से लेकर रेगिस्तान की कड़ी धूप तक में तैनात, हमारे जवानों को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है। ऐसे में सेना के जवानों के समक्ष संक्रामक रोग, गर्मी और ठंड से होने वाली चोटें, अधिक ऊँचाई से जुड़ी बीमारियां, थकान, पोषण संबंधी चुनौतियां, निर्जलीकरण तथा कई और भी तरह की समस्याएं सामने आती हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि यह नया विभाग इन सभी परिचालन परिस्थितियों के लिए चिकित्सा प्रोटोकॉल विकसित करेगा। आज आधुनिक युद्ध का स्वरूप भी बहुत तेजी से बदल रहा है। आज के दौर में पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ व्यापक विनाश के हथियारों का खतरा भी लगातार बना हुआ है। चाहे वह रासायनिक कारक हों, जैविक युद्ध हो, या रेडियोलॉजिकल प्रसार उपकरण का खतरा हो, इन सब नए प्रकार के खतरों के अध्ययन में यह विभाग अनुसंधान और विकास का केंद्र बनेगा।

उन्होंने बताया कि हमारी सैन्य चिकित्सा की प्रतिष्ठा केवल हमारी सीमाओं तक ही सीमित नहीं है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में, भारत संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना मिशनों में सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ताओं में से एक है। जब हमारे डॉक्टर दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में जाते हैं, तो उन्हें वहां भी कई प्रकार की चिकित्सीय चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा, ''आज का दिन हमारी सशस्त्र सेनाओं की मेडिकल सर्विस के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है। कमांड हॉस्पिटल, लखनऊ में समर्पित रूप से एक 'डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री मेडिसिन' की स्थापना हो रही है। देश में इस प्रकार का यह पहला डिपार्टमेंट स्थापित हो रहा है, जो कि अपने आप में बड़े गौरव की बात है। यह हमारे जवानों के प्रति हमारे निश्चय का और उनकी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति हमारे दूरदर्शी दृष्टिकोण का प्रतीक है।''

रक्षा मंत्री ने कहा कि लखनऊ, ऐतिहासिक रूप से हमारी सैन्य परंपराओं का गवाह रहा है। यदि मैं मिलिट्री मेडिसिन के क्षेत्र की बात करूं, यहां का कमांड हॉस्पिटल पहले से ही सेवा, शोध और अनुशासन का त्रिवेणी संगम है। यहां के चिकित्सकों ने 'ऑपरेशन विजय' और 'कारगिल युद्ध' के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया है। अब इसी प्रांगण में 'डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री मेडिसिन' का उद्घाटन इस मिट्टी की साख को और बढ़ाएगा।

राजनाथ सिंह ने कहा कि जब भी हम राष्ट्र-निर्माण की बात करते हैं तो स्वाभाविक रूप से हमारा ध्यान इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा आर्थिक और सामाजिक विकास पर जाता है। ये सब तो जरूरी हैं ही, लेकिन इसके साथ-साथ किसी भी राष्ट्र की संप्रभुता और उसकी प्रगति का मूल आधार उसकी सैन्य शक्ति और उस सैन्य शक्ति का मनोबल होता है और मनोबल का सबसे बड़ा संरक्षक यह विश्वास है कि जब मैं मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर रहा हूं, तो मेरे पीछे एक ऐसा सिस्टम खड़ा हो जो हर आपात स्थिति में मुझे संभालेगा।

 

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