शिमला : प्रदेश में रविवार को राष्ट्रीय मीन्स-कम-मैरिट छात्रवृत्ति योजना (एनएमएमएस) की परीक्षा आयोजित की गई। प्रदेशभर में बनाए गए 62 परीक्षा केंद्रों पर 8वीं कक्षा के कुल 10,741 विद्यार्थियों ने यह परीक्षा दी। परीक्षा में सफल होने वाले मेधावी विद्यार्थियों को 9वीं से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) सोलन की ओर से आयोजित इस परीक्षा को 2 सत्रों में पूरा करवाया गया। चयनित विद्यार्थियों को लगातार 4 वर्षों तक प्रतिमाह एक हजार रुपए की छात्रवृत्ति मिलेगी। इस तरह प्रत्येक विद्यार्थी को सालाना 12 हजार और 4 वर्षों में कुल 48 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।
इस छात्रवृत्ति के लिए सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ऐसे विद्यार्थी पात्र हैं, जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से अधिक नहीं है। इसके अलावा 7वीं कक्षा में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक हासिल करना भी पात्रता की शर्त है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति सहित आरक्षित वर्गों के विद्यार्थियों को नियमानुसार अंकों में छूट दी जाती है। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2008 में इस योजना की शुरूआत की थी। इसका उद्देश्य आर्थिक अभाव के चलते 8वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम करना और उनकी स्कूली शिक्षा को 12वीं कक्षा तक जारी रखने में मदद करना है।