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बाबा बैद्यनाथ के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, तीसरी सोमवारी पर 12 किमी तक लगी कतार

Updated on Monday, August 17, 2026 13:38 PM IST

सावन की तीसरी सोमवारी पर देवघर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक बाबा बैद्यनाथ धाम आस्था के महासागर में बदल गया। मनोकामना ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और पवित्र जल से जलाभिषेक के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु देवघर पहुंचे। रविवार रात से ही श्रद्धालुओं की कतार बढ़ती गई और सोमवार सुबह तक यह 12 किलोमीटर से अधिक लंबी हो गई।

सुल्तानगंज से देवघर तक करीब 108 किलोमीटर लंबा कांवरिया पथ भी ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। गेरुआ वस्त्र पहने कांवरियों का जत्था पवित्र गंगाजल लेकर बाबा धाम पहुंचे और अर्पित किया। बारिश की रिमझिम के बीच कंधे पर कांवर और मन में बाबा के प्रति अटूट आस्था लिए श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा के बाद देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ पर गंगाजल अर्पित किया।

श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रविवार रात करीब 10.30 बजे ही कतार लगभग पांच किलोमीटर तक पहुंच गई थी। रात बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई। सोमवार सुबह कतार 12 किलोमीटर से अधिक लंबी हो गई।

तीसरी सोमवारी का यह पर्व कई धार्मिक संयोगों के कारण और भी विशेष हो गया है। सोमवार को नागपंचमी तिथि का संयोग है। इसी दिन सिंह संक्रांति और मां मनसा की वार्षिक पूजा भी हो रही है। वहीं, बांग्ला श्रावण का समापन भी सोमवार को हो रहा है। इन धार्मिक अवसरों के एक साथ आने से बाबा धाम में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण और गहरा हो गया है। सावन के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर में लगाई गई विशेष बिल्वपत्र प्रदर्शनी का भी सोमवार को समापन हो रहा है। श्रद्धालुओं के लिए बिल्वपत्र भगवान शिव की आराधना का विशेष माध्यम माना जाता है। प्रदर्शनी के प्रति भी भक्तों में खासा उत्साह देखा गया।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए देवघर जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा एवं सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने तीसरी सोमवारी की सुबह रूटलाइन का निरीक्षण कर विधि-व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने नंदन पहाड़, कालीबाड़ी, बरमसिया से लेकर बाबा मंदिर परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। बाबा बैद्यनाथ धाम में इस वर्ष सावन की पहली सोमवारी पर 3,17,494 श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया था। दूसरी सोमवारी पर यह संख्या बढ़कर 3,69,449 हो गई थी। तीसरी सोमवारी पर करीब चार लाख श्रद्धालुओं के बाबा पर जलाभिषेक करने का अनुमान है।

 

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