Wednesday, 28 October 2026
BREAKING
• हरियाणा में 12,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर MoU, गुजरात दौरे पर सीएम नायब सैनी ने की उद्योगपतियों से मुलाकात • 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम में शामिल हुए हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण • हादसा देख मंत्री कृष्णलाल पंवार ने रुकवाया काफिला, घायल चालक को पायलट गाड़ी से भिजवाया अस्पताल • शिक्षा, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से देश एवं प्रदेश के विकास में अपना अहम योगदान दें युवा : राज्यपाल घोष • Happening Haryana 2.0: नायब सैनी का मिशन—हरियाणा के हर क्षेत्र में उद्योग, हर हाथ को काम और युवाओं को उद्यमी बनने का अवसर • आंदोलन और कानून के सहारे जेजेपी बचाएगी सीडीएलयू की बेशकीमती जमीन - दिग्विजय चौटाला • मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की घोषणाएं, भुंतर में खुलेगा विद्युत सब-डिवीजन; सीवरेज के लिए 22 करोड़ रुपये मंजूर • कुल्लू दशहरा के भव्य समापन पर सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान, देवी-देवताओं के मानदेय में की बढ़ोतरी • घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल करवाना चाहती है कांग्रेस? अपना रुख स्पष्ट करे : बिंदल • पंजाब राज्य सूचना आयोग ने राज्यपाल को भेंट की ‘आरटीआई एंड गुड गवर्नेंस’ पुस्तक

धर्म कर्म

9 जून 2026 का पंचांग: भूलकर भी इस समय शुरू न करें कोई नया काम, मीन राशि में रहेगा चंद्रमा का प्रभाव

Updated on Monday, June 08, 2026 10:01 AM IST

नई दिल्ली:  भारतीय वैदिक परंपरा में पंचांग की काफी मान्यता है। यह हमें बताता है कि दिन कैसा रहेगा, कौन सा समय शुभ है और किस समय हमें सावधानी बरतनी चाहिए। पंचाग के अनुसार, 9 जून 2026 धार्मिक और ज्योतिषीय बदलाव लेकर आएगा। कृष्ण पक्ष नवमी से शुरू होकर रात के बाद दशमी में बदल जाएगा। चंद्रमा मीन राशि में पूरे दिन रहेगा, यह समय शांत रहने, सोच-समझकर काम करने और जल्दबाजी से बचने का संकेत है।

9 जून को कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह से प्रारंभ होकर रात 2:35 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। नवमी तिथि को शक्ति और साधना से जुड़ा माना जाता है, जबकि दशमी नए कार्यों के शुभारंभ और आगे बढ़ने का संकेत देती है।

 

नक्षत्र की बात करें तो सुबह 9:39 बजे तक पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र रहेगा। इसके बाद उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र प्रारंभ होगा। यह नक्षत्र शांत स्वभाव और गहन चिंतन से जुड़ा माना जाता है। इसलिए यह दिन सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए अनुकूल माना जाता है।

 

इस दिन सुबह 8:18 बजे तक प्रीति योग रहेगा, जिसके बाद आयुष्मान योग शुरू होगा। आयुष्मान योग को शुभ तथा स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। वहीं करणों में पहले तैतिल, फिर गर और उसके बाद वणिज करण रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ये करण कार्यों की गति और उनके परिणामों को प्रभावित करते हैं।

 

9 जून को कुछ समय ऐसे भी हैं, जिनमें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। राहुकाल दोपहर 3:46 बजे से शाम 5:27 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई नया या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करना शुभ नहीं माना जाता। इसके अलावा यमगंड और कुलिक काल में भी सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

 

वहीं दिन में कुछ शुभ मुहूर्त भी रहेंगे। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:59 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। इस समय किए गए कार्यों के सफल होने की मान्यता है। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त भी ध्यान, साधना और पूजा-पाठ के लिए उपयुक्त माना जाता है।

 

सूर्योदय सुबह 5:44 बजे और सूर्यास्त शाम 7:07 बजे होगा। चंद्रमा रात 12:51 बजे उदय होगा तथा दोपहर 1:13 बजे अस्त होगा। इस दिन सूर्य वृषभ राशि में रहेगा, जबकि चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में स्थित रहेगा।

 

Have something to say? Post your comment
महर्षि वाल्मीकि जयंती : संघर्ष, साधना और रामायण की रचना की प्रेरक कथा

: महर्षि वाल्मीकि जयंती : संघर्ष, साधना और रामायण की रचना की प्रेरक कथा

28 या 29 अक्टूबर, कब है करवा चौथ? जानें सरगी से चांद निकलने के समय तक की पूरी जानकारी

: 28 या 29 अक्टूबर, कब है करवा चौथ? जानें सरगी से चांद निकलने के समय तक की पूरी जानकारी

विजयादशमी : परंपरा, पराक्रम, न्याय और आध्यात्मिक चेतना की विजय गाथा

: विजयादशमी : परंपरा, पराक्रम, न्याय और आध्यात्मिक चेतना की विजय गाथा

कहीं रावण दहन तो कहीं दुर्गा विसर्जन, भारत में अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है दशहरा

: कहीं रावण दहन तो कहीं दुर्गा विसर्जन, भारत में अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है दशहरा

मां ब्रह्मचारिणी : तप, त्याग और अटूट संकल्प की दिव्य प्रतिमूर्ति

: मां ब्रह्मचारिणी : तप, त्याग और अटूट संकल्प की दिव्य प्रतिमूर्ति

पितृ पक्ष में कुरुक्षेत्र के इन तीर्थों पर करें पितरों का तर्पण, जानें पेहोवा और सन्निहित सरोवर का महत्व

: पितृ पक्ष में कुरुक्षेत्र के इन तीर्थों पर करें पितरों का तर्पण, जानें पेहोवा और सन्निहित सरोवर का महत्व

विश्वकर्मा पूजा : सृजन, श्रम और कौशल के सम्मान से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

: विश्वकर्मा पूजा : सृजन, श्रम और कौशल के सम्मान से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत

मिथिला के चौरचन से गणेशोत्सव तक, भाद्रपद में दिखेगा भारतीय परंपराओं का विविध रंग

: मिथिला के चौरचन से गणेशोत्सव तक, भाद्रपद में दिखेगा भारतीय परंपराओं का विविध रंग

जैसलमेर के रामदेवरा में बाबा रामदेवजी के 642वें मेले का शुभारंभ, देशभर से उमड़े श्रद्धालु

: जैसलमेर के रामदेवरा में बाबा रामदेवजी के 642वें मेले का शुभारंभ, देशभर से उमड़े श्रद्धालु

'जय कन्हैया लाल की' : मथुरा, दिल्ली से लेकर नोएडा तक उत्सव, कृष्ण के जन्म पर हर तरफ उल्लास

: 'जय कन्हैया लाल की' : मथुरा, दिल्ली से लेकर नोएडा तक उत्सव, कृष्ण के जन्म पर हर तरफ उल्लास

X