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राष्ट्रीय

Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Project : महाराष्ट्र में तीसरी पर्वतीय सुरंग का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा हुआ

Updated on Wednesday, June 03, 2026 10:24 AM IST

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि के रूप में महाराष्ट्र के पालघर जिले के दहानू तालुका के अंबेसारी गांव में तीसरी पर्वतीय सुरंग (एमटी-07) का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना उन्नत सुरंग, निगरानी और निर्माण प्रौद्योगिकियों को अपनाने को बढ़ावा दे रही है। सुरक्षित, आधुनिक और भविष्य के लिए रेल परिवहन की नींव रखे जाने से देश की हाई-स्पीड रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में क्षमताएं मजबूत हो रही हैं।


एमटी-07 पर्वतीय सुरंग 417 मीटर लंबी और 14.4 मीटर चौड़ी
रेल मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी इसकी जानकारी दी है। बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की दोनों ओर की पटरियों के लिए हाल ही में बनकर तैयार हुई एमटी-07 पर्वतीय सुरंग 417 मीटर लंबी और 14.4 मीटर चौड़ी है। इस सुरंग की खुदाई दोनों सिरों से नियंत्रित ड्रिलिंग और विस्फोट विधि द्वारा की गई। निर्माण के दौरान उन्नत इंजीनियरिंग और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया।


अत्याधुनिक निगरानी प्रणालियों और भू-तकनीकी उपकरणों का उपयोग
खुदाई की पूरी प्रक्रिया की अवधि में संरचनात्मक स्थिरता, श्रमिकों की सुरक्षा और सटीक निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक निगरानी प्रणालियों और भू-तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया गया। सरफेस सेटलमेंट पॉइंट्स (एसएसपी), 3डी टारगेट, स्ट्रेन गेज और सिस्मोग्राफ सहित वास्तविक समय की निगरानी व्यवस्थाओं द्वारा कंपन, सुरंग की गतिविधि और आसपास की संरचनाओं पर निरंतर नजर बनाई रखी गई।


पिछले पांच महीनों के भीतर 3 पर्वतीय सुरंगों का निर्माण पूरा
सुरंग निर्माण कार्यों के दौरान वेंटिलेशन सिस्टम, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, नियंत्रित पहुंच और निरंतर भू-तकनीकी पर्यवेक्षण सहित व्यापक श्रमिक सुरक्षा उपायों में कोई भी ढील नहीं दी गई। आपको बता दें, महाराष्ट्र में पिछले पांच महीनों के भीतर तीन पर्वतीय सुरंगों का निर्माण पूरा हो चुका है। यह देश के पहले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के सबसे तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण खंडों में से एक में हुई तीव्र प्रगति को दर्शाता है।


यह उपलब्धि महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन परियोजना की पहली सफल पर्वतीय सुरंग निर्माण के रूप में सामने आई
यह सफलता परियोजना के महाराष्ट्र खंड में पहले हासिल की गई उपलब्धियों पर आधारित है। 1.5 किलोमीटर लंबी पहली पर्वतीय सुरंग (एमटी-05) का निर्माण 2 जनवरी 2026 को पालघर जिले के सफाले के पास पूरा हुआ। यह उपलब्धि महाराष्ट्र में बुलेट ट्रेन परियोजना की पहली सफल पर्वतीय सुरंग निर्माण के रूप में सामने आई। इसके बाद 3 फरवरी 2026 को दूसरी सुरंग (एमटी-06) का निर्माण हुआ, इसमें न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) का उपयोग करके 454 मीटर लंबी सुरंग खोदी गई। इस तरह पालघर जिले में लगभग एक महीने के भीतर दो सफल निर्माण पूरे हुए।


एमटी-05, एमटी-06 और एमटी-07 में अब तक खुदाई का काम पूरा हो चुका है
महाराष्ट्र में निर्माणाधीन सात पर्वतीय सुरंगों में से, एमटी-05, एमटी-06 और एमटी-07 में अब तक खुदाई का काम पूरा हो चुका है। एमटी-08 (350 मीटर) में 5 अक्टूबर 2023 को खुदाई का काम पूरा हो गया था, एमटी-03 की खुदाई 80 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी है, एमटी-04 लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जबकि एमटी-01 और एमटी-02 में काम लगातार जारी है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की कुल आठ पर्वतीय सुरंगों में से सात महाराष्ट्र के पालघर जिले के अंतर्गत आती हैं और एक गुजरात के वलसाड जिले में है और उस सुरंग का काम पहले ही पूरा हो चुका है।


वापी और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच तीनों पर्वतीय सुरंगों की खुदाई सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर महाराष्ट्र के बोइसर और गुजरात के वापी के बीच एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र से होकर गुजरता है। वहां के निर्माण कार्य तेजी से प्रगति हो रही है। इन दोनों शहरों के बीच के मार्ग में तीन (03) पर्वतीय सुरंगें (एमटी 08, एमटी -07 और एमटी-06) शामिल हैं।

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