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अचानक बीच में ही रोकी गई केदारनाथ यात्रा, आखिर क्या वजह? सुरक्षित स्थानों पर रोके गए श्रद्धालु

Updated on Sunday, May 31, 2026 12:44 PM IST

मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भारी बारिश, तेज हवाएं और तूफान की संभावना जताई है। संभावित खतरे को देखते हुए केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को विभिन्न पड़ावों और होल्डिंग क्षेत्रों में रोककर सुरक्षित ठहराया गया है। अचानक बीच में ही रोकी गई केदारनाथ यात्रा, आखिर क्या वजह? सुरक्षित स्थानों पर रोके गए श्रद्धालु उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियातन केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद रुद्रप्रयाग के विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार वर्षा हो रही है।

मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भारी बारिश, तेज हवाएं और तूफान की संभावना जताई है। संभावित खतरे को देखते हुए केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को विभिन्न पड़ावों और होल्डिंग क्षेत्रों में रोककर सुरक्षित ठहराया गया है।

पैदल यात्रा मार्ग वालों को भी सुरक्षित स्थानों में रखा
पैदल यात्रा मार्ग पर मौजूद यात्रियों को भी निकटतम सुरक्षित स्थानों और निर्धारित होल्डिंग एरिया में रखा गया है। वहीं श्रीनगर क्षेत्र में केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी फिलहाल रोक दी गई है। वाहनों को निर्धारित होल्डिंग क्षेत्रों में खड़ा कराया जा रहा है, ताकि मौसम सामान्य होने तक किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।

आगे बढ़ने की अनुमति कब?
प्रशासन ने कहा है कि मौसम में सुधार और यात्रा मार्ग की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं एवं वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। लगातार खराब मौसम के बीच प्रशासन पूरी सतर्कता और मुस्तैदी के साथ यात्रा प्रबंधन में जुटा हुआ है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचाव किया जा सके। आपको बता दें कि चारधाम यात्रा की शुरूआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व पर गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खुलने के साथ हुई थी।

 

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