नई दिल्ली : दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बिनेंस (Binance) ने बताया है कि उसके प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा सेंध की घटना से करीब 6.3 अरब डॉलर की संपत्तियां प्रभावित हुई हैं। विश्लेषकों के मुताबिक, यह अब तक की सबसे बड़ी क्रिप्टो चोरी हो सकती है। इस घटना के बाद निवेशकों के बीच डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
बिनेंस ने कहा कि उसने अपने साझेदारों के साथ मिलकर प्रभावित संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की है। अब तक करीब 3 अरब डॉलर की संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें फ्रीज किया जा चुका है। शेष 3.3 अरब डॉलर की स्थिति पर कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी है। बिनेंस की सह-संस्थापक यी हे ने कहा कि कंपनी हैकिंग से हुए सभी नुकसान की भरपाई करेगी।
कंपनी की शुरुआती जांच के अनुसार, सुरक्षा सेंध की शुरुआत उसके एक इंजीनियर के लैपटॉप के हैक होने से हुई हो सकती है। इसके जरिए हमलावर को कंपनी के एक सिस्टम तक पहुंच मिली और उसने बिना अनुमति के निकासी की।
इस घटना का असर शुक्रवार को एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान दिखाई दिया। बिटकॉइन की कीमत 3 प्रतिशत से अधिक गिरकर छह सप्ताह के निचले स्तर 76,368 डॉलर पर पहुंच गई। वहीं, ईथर में भी 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई और इसकी कीमत दो महीने के निचले स्तर 2,178 डॉलर पर आ गई।
बिनेंस के मूल टोकन BNB में पिछले 24 घंटों के दौरान 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 709.70 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनबेस ग्लोबल के शेयरों में 4.8 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि बिटकॉइन में निवेश करने वाली कंपनी स्ट्रेटेजी के शेयर अमेरिकी बाजार में विस्तारित कारोबार के दौरान करीब 6 प्रतिशत गिर गए।
ब्लॉकचेन एनालिटिक्स फर्म चेनालिसिस और उद्योग के अन्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यह दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी क्रिप्टो चोरी हो सकती है। क्रिप्टो मार्केट मेकर GSR के सिस्टमैटिक OTC कारोबार के प्रमुख अरविंद श्रीनिवासन ने इसे इतिहास का सबसे बड़ा हैक बताया।
विश्लेषकों का कहना है कि इस घटना का असर केवल प्रभावित संपत्तियों तक सीमित नहीं रह सकता। अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) के निवेशकों की कमजोर मांग के कारण क्रिप्टो बाजार पहले से दबाव में था। ऐसे में इस घटना से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता और कमजोर हो सकती है।
हांगकांग स्थित HashKey Group के वरिष्ठ शोधकर्ता टिम सन ने कहा कि इससे निवेशक केंद्रीकृत एक्सचेंजों पर रखी संपत्तियों की सुरक्षा के साथ-साथ प्रतिपक्ष जोखिम, भुगतान क्षमता और नकदी की उपलब्धता से जुड़े जोखिमों का दोबारा आकलन कर सकते हैं।
बिनेंस के दुनियाभर में 33.5 करोड़ पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं। कंपनी की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, उसके पास ग्राहकों की करीब 162.8 अरब डॉलर की संपत्तियां सुरक्षित रखी गई थीं।
बिनेंस ने कहा कि उसके उपयोगकर्ताओं की धनराशि सुरक्षित है। एहतियात के तौर पर जमा और निकासी की सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। कंपनी की सुरक्षा टीमें वॉलेट इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच और सुरक्षा मजबूत करने के साथ प्रभावित संपत्तियों का पता लगा रही हैं। इस काम में कानून प्रवर्तन एजेंसियां और उद्योग के साझेदार भी सहयोग कर रहे हैं।
बिनेंस की वेबसाइट के अनुसार, कंपनी ने उपयोगकर्ताओं की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए ‘सिक्योर एसेट फंड फॉर यूजर्स’ (SAFU) बनाया है। यह पूरी तरह बिटकॉइन में रखा गया रिजर्व फंड है, जिसका उद्देश्य सुरक्षा सेंध जैसी घटनाओं के दौरान उपयोगकर्ताओं की संपत्तियों की रक्षा करना है।
ट्रेस फाइनेंस के सीईओ बर्नार्डो ब्रिट्स ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण हैकिंग से निपटना मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि AI सुरक्षा खामियों को उतनी तेजी से खोज सकता है, जितनी तेजी से कंपनियां उन्हें ठीक नहीं कर पातीं। उन्होंने आशंका जताई कि उपयोगकर्ता छोटे और मध्यम आकार के एक्सचेंजों से दूरी बना सकते हैं।
इस घटना के बाद कई क्रिप्टो कंपनियों ने प्रभावित संपत्तियों को फ्रीज करने की जानकारी दी है। स्टेबलकॉइन जारी करने वाली कंपनी टेदर ने घटना से जुड़ी करीब 1.57 अरब डॉलर की संपत्तियां फ्रीज कीं, जबकि सर्कल ने 80 करोड़ डॉलर से अधिक की संपत्तियां फ्रीज कीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार से जुड़ी क्रिप्टो कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल ने कहा कि उसने क्रिप्टो कस्टोडियन BitGo के साथ मिलकर चोरी की गई संपत्तियों को फ्रीज करने में मदद की। बिनेंस की यी हे के अनुसार, करीब 2.7 करोड़ डॉलर के स्टेबलकॉइन और लगभग 20 लाख डॉलर मूल्य के वर्ल्ड लिबर्टी टोकन फ्रीज किए गए हैं।
क्रिप्टो कंपनी रिपल ने भी करीब 20 करोड़ डॉलर की संपत्तियां फ्रीज की हैं। रिपल में स्टेबलकॉइन कारोबार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जैक मैकडोनाल्ड ने कहा कि कंपनी बिनेंस से जुड़ी संभावित सुरक्षा सेंध की रिपोर्ट पर नजर रख रही है और प्रभावित संपत्तियों को फ्रीज करने के साथ संबंधित पक्षों के साथ समन्वय कर रही है।
ब्लॉकचेन इंटेलिजेंस फर्म Arkham के सीईओ मिगुएल मोरेल ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों से संकेत मिलता है कि किसी अज्ञात हमलावर ने बिनेंस से अरबों डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी हैक की है।
क्रिप्टो उद्योग में चोरी की यह घटना ऐसे समय हुई है, जब पिछले कुछ वर्षों में इस तरह के हमले लगातार सामने आए हैं। TRM Labs के शोधकर्ताओं के अनुसार, पिछले साल करीब 150 साइबर हमलों में 2.9 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी हुई थी। सितंबर में क्रिप्टो एक्सचेंज Bitget ने भी अपने प्लेटफॉर्म से करीब 35 करोड़ डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी होने की जानकारी दी थी।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि संगठित अपराध समूह पारंपरिक वित्तीय प्रणाली से बाहर सीमाओं के पार धन भेजने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं।
बिनेंस की अमेरिकी इकाई Binance.US ने कहा कि वह इस सुरक्षा घटना से प्रभावित नहीं हुई है। कॉइनबेस ने भी खुद को इस घटना से अप्रभावित बताते हुए स्थिति पर नजर रखने की जानकारी दी।
एक अलग घटना में गुरुवार को प्रेडिक्शन मार्केट ऑपरेटर Polymarket ने तीसरे पक्ष के सेवा प्रदाता से जुड़ी सुरक्षा घटना के बाद कुछ समय के लिए कारोबार रोक दिया था। बाद में कारोबार फिर शुरू किया गया और कंपनी ने प्रभावित कारोबारियों को पूरा मुआवजा देने की बात कही।