Thursday, 29 October 2026
BREAKING
• हरियाणा दिवस पर रोहतक पदयात्रा में शामिल होंगे BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन : डॉ. अर्चना गुप्ता • हरियाणा केवल निवेश का गंतव्य नहीं, उद्योगों के विकास में विश्वसनीय साझेदार’ : नायब सिंह सैनी • गुजरात में बनेगा हरियाणा भवन, प्रवासी हरियाणावासियों की समस्याओं के समाधान के लिए बनेगा विशेष पोर्टल • शहीद स्मारक निर्माण के लिए कई बार विधानसभा में उठाई मांग, हमारी सरकार आई तो मिली मंजूरी : अनिल विज • अतिथि अध्यापकों के भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति बनाए हरियाणा सरकार : कुमारी सैलजा • झज्जर में 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार, विरासत इंतकाल दर्ज करने के बदले मांगी थी रकम • ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के लिए हरियाणा कांग्रेस ने कसी कमर, हुड्डा बोले- रामलीला मैदान में जुटेंगे लाखों लोग • हरियाणा वक्फ बोर्ड के दो अधिकारी 3 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार, निजी आरोपी फरार • हिमाचल प्रदेश में करवा चौथ पर 29 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश, CM सुक्खू ने किया ऐलान • Shimla: वोट चोरी के खिलाफ सभी को सजग होना पड़ेगा : प्रतिभा सिंह

राष्ट्रीय

भारत-जापान ने वन प्रबंधन क्षमता मजबूत करने के लिए शुरू किया प्रोजेक्ट

Updated on Friday, September 25, 2026 16:17 PM IST

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) के सहयोग से मंत्रालय की ओर से आयोजित ‘प्रभावी वन प्रबंधन के लिए क्षमता वृद्धि’ प्रोजेक्ट की लॉन्च वर्कशॉप का उद्घाटन किया। वर्ष 2025-26 से 2031-32 तक चलने वाले इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य वन और वन्यजीव प्रबंधन की बदलती जरूरतों, जलवायु संबंधी चुनौतियों और पर्यावरण से जुड़ी नई चिंताओं से निपटने के लिए फ्रंटलाइन वन कर्मियों की क्षमता बढ़ाना है।

वन कर्मियों की तकनीकी क्षमता पर जोर
वर्कशॉप को संबोधित करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि जलवायु कार्रवाई, जैव विविधता संरक्षण और वनों पर निर्भर समुदायों की आजीविका के लिए जंगलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने वन कर्मियों की तकनीकी और फील्ड स्तर की क्षमताओं को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। इसमें खास तौर पर जंगल की आग के प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का मेल
मंत्री ने क्षेत्र-विशिष्ट प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इन मॉड्यूल में पारंपरिक ज्ञान, वैज्ञानिक तरीकों और आधुनिक तकनीकों का समन्वय होना चाहिए। उन्होंने रिसर्च एंड डेवलपमेंट, पायलट प्रोजेक्ट और वानिकी प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने को भी इस पहल के महत्वपूर्ण हिस्सों में शामिल किया।

भारत-जापान शोध सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
जेआईसीए इंडिया के वरिष्ठ प्रतिनिधि ईजी वाकामात्सु ने कहा कि यह प्रोजेक्ट वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए समाधान विकसित करने के उद्देश्य से भारतीय और जापानी शोध संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि भारत के साथ जेआईसीए की वानिकी साझेदारी करीब तीन दशक पुरानी है और इससे 7 लाख से अधिक लोगों को लाभ हुआ है।

दूसरे चरण में डिजिटल बदलाव और आजीविका पर जोर
प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में लकड़ी के ट्रांसफॉर्मेशन और आजीविका के अवसर पैदा करने, बेहतर वन प्रबंधन के लिए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन तथा संयुक्त अकादमिक रिसर्च पर ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य वन प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के साथ स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसरों को भी बढ़ावा देना है।

537.10 करोड़ रुपए का कुल बजट
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के एडीजी (वन्यजीव) रमेश पांडे के मुताबिक, प्रोजेक्ट का कुल बजट 537.10 करोड़ रुपए है। इसमें जेआईसीए की ओर से 440.42 करोड़ रुपए और भारत सरकार की ओर से 96.68 करोड़ रुपए का योगदान शामिल है। यह प्रोजेक्ट सभी राज्यों को कवर करेगा और इसमें नए भाग लेने वाले राज्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

फ्रंटलाइन कर्मचारियों को फील्ड के लिए तैयार करने पर जोर
भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि फ्रंटलाइन कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाना केवल समय-समय पर कक्षा में प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि वे फील्ड में वैज्ञानिक जानकारी, नई तकनीक और व्यावहारिक कौशल का प्रभावी इस्तेमाल कर सकें।

स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय जरूरी
यादव ने कहा कि वन कर्मियों की क्षमता में स्थानीय समुदायों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम करने की क्षमता भी शामिल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट वन क्षेत्र में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा जेआईसीए के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।

Have something to say? Post your comment
पश्चिम मध्य रेल की 9वीं राज्य स्काउट्स एवं गाइड्स रैली का आयोजन 1 से 5 नवंबर तक भोपाल में

: पश्चिम मध्य रेल की 9वीं राज्य स्काउट्स एवं गाइड्स रैली का आयोजन 1 से 5 नवंबर तक भोपाल में

पॉवरग्रिड पश्चिमी क्षेत्र-I ने जीता अंतर-क्षेत्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता-2026 का खिताब

: पॉवरग्रिड पश्चिमी क्षेत्र-I ने जीता अंतर-क्षेत्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता-2026 का खिताब

शिपिंग, जहाज निर्माण और समुद्री तकनीक में साझेदारी बढ़ाने की तैयारी, नवंबर में भारत आएंगी 25 प्रमुख साइप्रस कंपनियां

: शिपिंग, जहाज निर्माण और समुद्री तकनीक में साझेदारी बढ़ाने की तैयारी, नवंबर में भारत आएंगी 25 प्रमुख साइप्रस कंपनियां

12वें ब्रिक्स संसदीय सम्मेलन में भाग लेने के बाद लौटा ईरानी प्रतिनिधिमंडल

: 12वें ब्रिक्स संसदीय सम्मेलन में भाग लेने के बाद लौटा ईरानी प्रतिनिधिमंडल

यूपी एमएलसी चुनाव: कई सीटों पर मतगणना जारी भाजपा ने चार सीटें जीतीं, वाराणसी में सपा का कब्जा

: यूपी एमएलसी चुनाव: कई सीटों पर मतगणना जारी भाजपा ने चार सीटें जीतीं, वाराणसी में सपा का कब्जा

चक्रवात 'अर्नब' का असर, 30 अक्टूबर तक 58 ट्रेनें रद्द, कई के समय में बदलाव

: चक्रवात 'अर्नब' का असर, 30 अक्टूबर तक 58 ट्रेनें रद्द, कई के समय में बदलाव

‘अर्नब’ चक्रवात : मुख्यमंत्री नायडू ने की अधिकारियों के साथ समीक्षा, कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरे

: ‘अर्नब’ चक्रवात : मुख्यमंत्री नायडू ने की अधिकारियों के साथ समीक्षा, कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरे

चक्रवात अर्नब ने आंध्र तट पर किया लैंडफॉल, 150 किमी प्रतिघंटा तक चल सकती हैं हवाएं

: चक्रवात अर्नब ने आंध्र तट पर किया लैंडफॉल, 150 किमी प्रतिघंटा तक चल सकती हैं हवाएं

पीएम मोदी ने साझा किया सुभाषित, कहा— ‘जनता और राष्ट्र की सेवा करना ही सुशासन का मूल आधार’

: पीएम मोदी ने साझा किया सुभाषित, कहा— ‘जनता और राष्ट्र की सेवा करना ही सुशासन का मूल आधार’

चक्रवात ‘अर्नब’ के ओडिशा की ओर बढ़ने पर प्रशासन अलर्ट, 313 रिस्पॉन्स टीमें तैनात : सुरेश पुजारी

: चक्रवात ‘अर्नब’ के ओडिशा की ओर बढ़ने पर प्रशासन अलर्ट, 313 रिस्पॉन्स टीमें तैनात : सुरेश पुजारी

X