Wednesday, 28 October 2026
BREAKING
• हरियाणा में 12,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर MoU, गुजरात दौरे पर सीएम नायब सैनी ने की उद्योगपतियों से मुलाकात • 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम में शामिल हुए हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण • हादसा देख मंत्री कृष्णलाल पंवार ने रुकवाया काफिला, घायल चालक को पायलट गाड़ी से भिजवाया अस्पताल • शिक्षा, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से देश एवं प्रदेश के विकास में अपना अहम योगदान दें युवा : राज्यपाल घोष • Happening Haryana 2.0: नायब सैनी का मिशन—हरियाणा के हर क्षेत्र में उद्योग, हर हाथ को काम और युवाओं को उद्यमी बनने का अवसर • आंदोलन और कानून के सहारे जेजेपी बचाएगी सीडीएलयू की बेशकीमती जमीन - दिग्विजय चौटाला • मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की घोषणाएं, भुंतर में खुलेगा विद्युत सब-डिवीजन; सीवरेज के लिए 22 करोड़ रुपये मंजूर • कुल्लू दशहरा के भव्य समापन पर सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान, देवी-देवताओं के मानदेय में की बढ़ोतरी • घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल करवाना चाहती है कांग्रेस? अपना रुख स्पष्ट करे : बिंदल • पंजाब राज्य सूचना आयोग ने राज्यपाल को भेंट की ‘आरटीआई एंड गुड गवर्नेंस’ पुस्तक

स्वास्थ्य

सर्दी-जुकाम जैसा दिखने वाला आरएसवी वायरस बच्चों के लिए खतरनाक, डब्ल्यूएचओ ने जारी की चेतावनी

Updated on Thursday, September 10, 2026 13:04 PM IST

सर्दी-जुकाम जैसा दिखने वाला आरएसवी (रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस) सिर्फ एक सामान्य मौसमी वायरस नहीं है। यह दुनियाभर में छोटे बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है। हर साल आरएसवी की वजह से 36 लाख से ज्यादा बच्चों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है और करीब 1 लाख छोटे बच्चों की जान चली जाती है। इसलिए इसके बारे में सही जानकारी होना और समय पर सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि आरएसवी एक बहुत संक्रामक वायरस है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकता है। संक्रमित सतह को छूने और फिर आंख, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण हो सकता है। यही वजह है कि घर, स्कूल, डे-केयर और भीड़भाड़ वाली जगहों पर छोटे बच्चों को इससे बचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि आरएसवी किसी भी उम्र के व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है, लेकिन छोटे बच्चों, खासकर छह महीने से कम उम्र के शिशुओं में इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। समय से पहले जन्मे बच्चों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले बच्चों में भी गंभीर बीमारी का खतरा अधिक हो सकता है। कई बार शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही दिखाई देते हैं, इसलिए माता-पिता के लिए इन्हें पहचानना जरूरी है।


बच्चे को नाक बहना, खांसी, छींक या हल्का बुखार हो सकता है, लेकिन अगर बच्चा सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहा है। ठीक से दूध या खाना नहीं ले पा रहा है। बहुत ज्यादा सुस्त है या उसके होंठ और नाखून नीले पड़ रहे हैं तो इसे गंभीर संकेत मानना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
आरएसवी से बचाव के लिए रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी सावधानियां काफी मददगार हो सकती हैं। बच्चे को छूने से पहले और बाद में हाथ अच्छी तरह धोएं, बीमार लोगों से शिशु को दूर रखें और घर में बार-बार छुई जाने वाली सतहों को साफ करते रहें। बच्चे के आसपास धूम्रपान बिल्कुल न करें, क्योंकि धुएं के संपर्क से सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।


गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए डॉक्टर से उपलब्ध आरएसवी वैक्सीन या शिशु के लिए आरएसवी एंटीबॉडी जैसे बचाव के विकल्पों के बारे में जानकारी ली जा सकती है। कौन-सा विकल्प उपयुक्त है, यह मां और बच्चे की स्थिति के आधार पर डॉक्टर तय कर सकते हैं।

Have something to say? Post your comment
स्ट्रोक दिवस विशेष: समय पर पहचान और इलाज से बच सकती है जान, कम हो सकती है दिव्यांगता

: स्ट्रोक दिवस विशेष: समय पर पहचान और इलाज से बच सकती है जान, कम हो सकती है दिव्यांगता

सोआ में छिपे हैं सेहत के लिए जरूरी पोषक तत्व, शरीर को बीमारियों से लड़ने में करता है मदद

: सोआ में छिपे हैं सेहत के लिए जरूरी पोषक तत्व, शरीर को बीमारियों से लड़ने में करता है मदद

हवा में मौजूद पीएम 2.5 कणों से कैसे बचें? सही मास्क की पहचान और बच्चों के लिए मास्क खरीदने से पहले जान लें ये बातें

: हवा में मौजूद पीएम 2.5 कणों से कैसे बचें? सही मास्क की पहचान और बच्चों के लिए मास्क खरीदने से पहले जान लें ये बातें

क्या आप भी अनजाने में लेड के संपर्क में आ रहे हैं? रोजमर्रा की इन चीजों में छिपा हो सकता है खतरा

: क्या आप भी अनजाने में लेड के संपर्क में आ रहे हैं? रोजमर्रा की इन चीजों में छिपा हो सकता है खतरा

मणिपुर चक्र को जागृत करती है रुद्र मुद्रा, जानें करने का सही तरीका

: मणिपुर चक्र को जागृत करती है रुद्र मुद्रा, जानें करने का सही तरीका

घंटों बैठकर काम करने से होती है कमर में अकड़न? रोज 5 मिनट करें हस्तोत्तानासन

: घंटों बैठकर काम करने से होती है कमर में अकड़न? रोज 5 मिनट करें हस्तोत्तानासन

दिन में थकान से बुरा हाल, रात में टूट जाती है नींद? कहीं मेनोपॉज तो नहीं इसकी वजह

: दिन में थकान से बुरा हाल, रात में टूट जाती है नींद? कहीं मेनोपॉज तो नहीं इसकी वजह

मेनोपॉज के दौरान स्वास्थ्य का रखें ख्याल, संतुलित जीवनशैली और समय पर जांच जरूरी

: मेनोपॉज के दौरान स्वास्थ्य का रखें ख्याल, संतुलित जीवनशैली और समय पर जांच जरूरी

चेहरे की झुर्रियों से हैं परेशान? रोज करें कपोल शक्ति विकासक क्रिया

: चेहरे की झुर्रियों से हैं परेशान? रोज करें कपोल शक्ति विकासक क्रिया

गलत खान-पान बिगाड़ रहा है सेहत, पवनमुक्तासन से पाएं तुरंत राहत

: गलत खान-पान बिगाड़ रहा है सेहत, पवनमुक्तासन से पाएं तुरंत राहत

X