Wednesday, 28 October 2026
BREAKING
• हरियाणा में 12,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर MoU, गुजरात दौरे पर सीएम नायब सैनी ने की उद्योगपतियों से मुलाकात • 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम में शामिल हुए हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण • हादसा देख मंत्री कृष्णलाल पंवार ने रुकवाया काफिला, घायल चालक को पायलट गाड़ी से भिजवाया अस्पताल • शिक्षा, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से देश एवं प्रदेश के विकास में अपना अहम योगदान दें युवा : राज्यपाल घोष • Happening Haryana 2.0: नायब सैनी का मिशन—हरियाणा के हर क्षेत्र में उद्योग, हर हाथ को काम और युवाओं को उद्यमी बनने का अवसर • आंदोलन और कानून के सहारे जेजेपी बचाएगी सीडीएलयू की बेशकीमती जमीन - दिग्विजय चौटाला • मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की घोषणाएं, भुंतर में खुलेगा विद्युत सब-डिवीजन; सीवरेज के लिए 22 करोड़ रुपये मंजूर • कुल्लू दशहरा के भव्य समापन पर सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान, देवी-देवताओं के मानदेय में की बढ़ोतरी • घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल करवाना चाहती है कांग्रेस? अपना रुख स्पष्ट करे : बिंदल • पंजाब राज्य सूचना आयोग ने राज्यपाल को भेंट की ‘आरटीआई एंड गुड गवर्नेंस’ पुस्तक

स्वास्थ्य

क्या आप भी अनजाने में लेड के संपर्क में आ रहे हैं? रोजमर्रा की इन चीजों में छिपा हो सकता है खतरा

Updated on Friday, October 23, 2026 14:01 PM IST

नई दिल्ली(एजेंसी) : हम अपने घर और परिवार को सुरक्षित रखने के लिए कई तरह की सावधानियां बरतते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रोजमर्रा की कुछ चीजों में भी जहरीला पदार्थ छिपा हो सकता है? दीवारों पर लगा पुराना पेंट, खिलौने, कॉस्मेटिक्स, गहने और कुछ बर्तन लेड यानी सीसा के संपर्क में आने का कारण बन सकते हैं। शरीर में पहुंचने वाला लेड सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है और बच्चों के लिए इसका खतरा विशेष रूप से अधिक होता है।

रोजमर्रा की चीजों से हो सकता है संपर्क
लेड एक जहरीली धातु है, जिसका इस्तेमाल अतीत में कई तरह के उत्पादों में किया जाता था। आज भी कुछ उत्पादों और पर्यावरणीय स्रोतों से इसके संपर्क में आने का खतरा बना हुआ है। पुराने या खराब हो रहे पेंट से निकलने वाली धूल, दूषित मिट्टी और पानी, कुछ सिरेमिक बर्तन, असुरक्षित या नकली गहने, कॉस्मेटिक्स और खिलौने इसके संभावित स्रोत हो सकते हैं। कुछ मसालों और पारंपरिक दवाओं में मिलावट या संदूषण के कारण भी लेड पाया जा सकता है।

बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक
लेड का असर हर उम्र के व्यक्ति की सेहत पर पड़ सकता है, लेकिन छोटे बच्चों के लिए यह विशेष रूप से चिंताजनक है। बच्चों का मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम अभी विकसित हो रहा होता है। ऐसे में लेड के संपर्क में आने से उनके मानसिक विकास, सीखने की क्षमता और व्यवहार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। लंबे समय तक कम स्तर पर संपर्क भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

हाथों के जरिए शरीर में पहुंच सकता है लेड
बच्चे अक्सर जमीन पर खेलते हैं, अलग-अलग चीजों को छूते हैं और फिर उन्हीं हाथों को मुंह में डाल लेते हैं। यदि आसपास लेड से दूषित धूल या मिट्टी मौजूद है, तो इस तरह लेड शरीर में पहुंच सकता है। गर्भावस्था के दौरान लेड का संपर्क मां और गर्भस्थ शिशु के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है।

वयस्कों की सेहत पर भी असर
लेड का खतरा केवल बच्चों तक सीमित नहीं है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से वयस्कों में किडनी और हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है। चिंता की बात यह है कि लेड के संपर्क में आने पर हमेशा तुरंत स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। ऐसे में लंबे समय तक संपर्क के बाद होने वाले नुकसान का पता देर से चल सकता है।

जागरूकता से बचाव पर जोर
विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य स्वास्थ्य संस्थाएं लेड के संपर्क को कम करने और इसके स्रोतों की पहचान करने पर जोर देती हैं। लेड पॉइजनिंग की रोकथाम के लिए घर, स्कूल और कार्यस्थल पर संभावित स्रोतों की पहचान करना और उनसे संपर्क को रोकना महत्वपूर्ण है।

घर में इन सावधानियों का रखें ध्यान
घर में धूल को नियमित रूप से साफ करें और सफाई के लिए गीले कपड़े या पोछे का इस्तेमाल करें। पुराने पेंट को खुद खुरचने से बचें, क्योंकि इससे लेड युक्त धूल फैल सकती है। बच्चों को टूटे-फूटे या बिना सुरक्षा मानकों वाले खिलौनों से दूर रखें। पीने के पानी के दूषित होने की आशंका हो तो उसकी जांच करवाएं। कॉस्मेटिक्स, बर्तनों, खिलौनों और अन्य उत्पादों को खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखें।

Have something to say? Post your comment
स्ट्रोक दिवस विशेष: समय पर पहचान और इलाज से बच सकती है जान, कम हो सकती है दिव्यांगता

: स्ट्रोक दिवस विशेष: समय पर पहचान और इलाज से बच सकती है जान, कम हो सकती है दिव्यांगता

सोआ में छिपे हैं सेहत के लिए जरूरी पोषक तत्व, शरीर को बीमारियों से लड़ने में करता है मदद

: सोआ में छिपे हैं सेहत के लिए जरूरी पोषक तत्व, शरीर को बीमारियों से लड़ने में करता है मदद

हवा में मौजूद पीएम 2.5 कणों से कैसे बचें? सही मास्क की पहचान और बच्चों के लिए मास्क खरीदने से पहले जान लें ये बातें

: हवा में मौजूद पीएम 2.5 कणों से कैसे बचें? सही मास्क की पहचान और बच्चों के लिए मास्क खरीदने से पहले जान लें ये बातें

मणिपुर चक्र को जागृत करती है रुद्र मुद्रा, जानें करने का सही तरीका

: मणिपुर चक्र को जागृत करती है रुद्र मुद्रा, जानें करने का सही तरीका

घंटों बैठकर काम करने से होती है कमर में अकड़न? रोज 5 मिनट करें हस्तोत्तानासन

: घंटों बैठकर काम करने से होती है कमर में अकड़न? रोज 5 मिनट करें हस्तोत्तानासन

दिन में थकान से बुरा हाल, रात में टूट जाती है नींद? कहीं मेनोपॉज तो नहीं इसकी वजह

: दिन में थकान से बुरा हाल, रात में टूट जाती है नींद? कहीं मेनोपॉज तो नहीं इसकी वजह

मेनोपॉज के दौरान स्वास्थ्य का रखें ख्याल, संतुलित जीवनशैली और समय पर जांच जरूरी

: मेनोपॉज के दौरान स्वास्थ्य का रखें ख्याल, संतुलित जीवनशैली और समय पर जांच जरूरी

चेहरे की झुर्रियों से हैं परेशान? रोज करें कपोल शक्ति विकासक क्रिया

: चेहरे की झुर्रियों से हैं परेशान? रोज करें कपोल शक्ति विकासक क्रिया

गलत खान-पान बिगाड़ रहा है सेहत, पवनमुक्तासन से पाएं तुरंत राहत

: गलत खान-पान बिगाड़ रहा है सेहत, पवनमुक्तासन से पाएं तुरंत राहत

बालों को सफेद होने से रोकने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय, इन चीजों को डाइट में करें शामिल

: बालों को सफेद होने से रोकने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय, इन चीजों को डाइट में करें शामिल

X