Thursday, 29 October 2026
BREAKING
• गैंगस्टरां ते वार का 282वां दिन: पंजाब पुलिस ने 528 ठिकानों पर की छापेमारी; 188 काबू • पंजाब की मंडियों में धान की सरकारी खरीद 100 लाख मीट्रिक टन से पार: लाल चंद कटारूचक्क • वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विभागों को योग्य आउटसोर्स कर्मचारियों को ठेके पर रखने की प्रक्रिया में तेजी लाने के दिए निर्देश • भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी : पीयूष गोयल • राष्ट्रपति ट्रंप के रूसी डीजल सौदे पर रोक के लिए अमेरिकी सांसदों ने पेश किया विधेयक • आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की • “भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है”– राज्यसभा उपसभापति हरिवंश • बिजली उत्पादन में 15 साल की सबसे मजबूत मासिक बढ़त, अक्टूबर में 24% की वृद्धि: जेफरीज • दक्षिणी इथियोपिया में सांप्रदायिक हिंसा ने हजारों लोगों को विस्थापित किया: संयुक्त राष्ट्र • ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किया आतंकी ढांचा, भारत की रणनीति आतंकियों के खिलाफ परखी हुई : राजनाथ सिंह

राष्ट्रीय

‘वायु, सूर्य और वरुण देव रहें कल्याणकारी’, पीएम मोदी के सुभाषित में प्रकृति व लोकमंगल का संदेश

Updated on Monday, September 07, 2026 18:11 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संस्कृत का सुभाषित शेयर किया। पीएम की ओर से शुक्ल यजुर्वेद संहिता के 36वें अध्याय का 10वां मंत्र, जो प्रकृति के तत्वों (वायु, सूर्य और वरुण) से सुख और कल्याण की प्रार्थना से संबंधित है, उसको साझा किया है।

प्रधानमंत्री की ओर से लिखा गया, “शं नो वातः पवतां शं नस्तपतु सूर्यः। शं नः कनिक्रदद् देवः पर्जन्योऽभिवर्षतु॥” जिसका हिंदी अर्थ है कि हमारे लिए वायु कल्याणकारी, सुखद और शुद्ध होकर बहे, सूर्य देव हमारे लिए कल्याणकारी होकर तपे अर्थात् उनका ताप सुख देने वाला हो और दिव्य गर्जना करने वाले वरुणदेव हमारे ऊपर कल्याणकारी जल की वर्षा करें।

पीएम मोदी की ओर से साझा किया गया यह मंत्र शुक्ल यजुर्वेद के 36वें अध्याय का 10वां मंत्र (वाजसनेयी संहिता) है। यह वेद का एक अत्यंत पवित्र ‘शान्ति मंत्र’ है, जो प्रकृति, मानव और ब्रह्मांड के बीच संतुलन, कल्याण और सुख-समृद्धि की प्रार्थना के संदर्भ में है।

यजुर्वेद हमें कर्मकांड, यज्ञ और प्रकृति के साथ मिलकर जीना सिखाता है। कहा जाता है कि ऋषियों ने यह माना कि मनुष्य का जीवन पूरी तरह से प्रकृति (वायु, सूर्य और जल) पर निर्भर है। यदि हवा में प्रदूषण हो, सूर्य की धूप अत्यधिक विनाशकारी हो जाए, या सूखा/बाढ़ आ जाए, तो मानव जाति का विनाश निश्चित है। इसलिए, इस मंत्र में प्रकृति के तत्वों से प्रकोप न दिखाने बल्कि ‘कल्याणकारी’ यानी (शं) बने रहने की प्रार्थना की गई है।

वैदिक काल से आज तक जीवन और कृषि पूरी तरह से अनुकूल मौसम पर निर्भर हैं। हवा फसलों के लिए परागण और शुद्ध सांस के लिए आवश्यक है। सूर्य प्रकाश संश्लेषण, उर्जा और आरोग्य का कारक है। पर्जन्य (बादल) सही वक्त पर बरसकर धरती को उपजाऊ बनाते हैं, जिससे अन्न उत्पन्न होता है। इस मंत्र के माध्यम से प्रार्थना की गई है कि ये तीनों परिस्थितियां मनुष्यों के अनुकूल रहें, जिससे कि कोई अकाल या भुखमरी न हो।

Have something to say? Post your comment
भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी : पीयूष गोयल

: भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी : पीयूष गोयल

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की

: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की

“भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है”– राज्यसभा उपसभापति हरिवंश

: “भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है”– राज्यसभा उपसभापति हरिवंश

बिजली उत्पादन में 15 साल की सबसे मजबूत मासिक बढ़त, अक्टूबर में 24% की वृद्धि: जेफरीज

: बिजली उत्पादन में 15 साल की सबसे मजबूत मासिक बढ़त, अक्टूबर में 24% की वृद्धि: जेफरीज

ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किया आतंकी ढांचा, भारत की रणनीति आतंकियों के खिलाफ परखी हुई : राजनाथ सिंह

: ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किया आतंकी ढांचा, भारत की रणनीति आतंकियों के खिलाफ परखी हुई : राजनाथ सिंह

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय, 1-2 नवंबर को चेन्नई में हो सकती है भारी बारिश

: बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय, 1-2 नवंबर को चेन्नई में हो सकती है भारी बारिश

छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

: छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

पीएम मोदी 30-31 अक्टूबर को करेंगे गुजरात का दौरा, राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में लेंगे भाग

: पीएम मोदी 30-31 अक्टूबर को करेंगे गुजरात का दौरा, राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में लेंगे भाग

पीएम मोदी ने शेयर किया गीता का श्लोक, कहा- ‘जैसी श्रद्धा, वैसा ही होती है मनुष्य की सोच और आचरण’

: पीएम मोदी ने शेयर किया गीता का श्लोक, कहा- ‘जैसी श्रद्धा, वैसा ही होती है मनुष्य की सोच और आचरण’

गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की, हर संभव सहायता का आश्वासन

: गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की, हर संभव सहायता का आश्वासन

X