उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं और संभावनाएं हैं कि इस बार समाजवादी पार्टी और कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि, अब तक सीट बंटवारे का फॉर्मूला अब तक तय नहीं हुआ है, लेकिन खबरें हैं कि कांग्रेस पहले से ज्यादा सीटें मांग रही है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन लगभग तय माना जा रहा है। दोनों पार्टियों में सीट बंटवारे को लेकर जल्द औपचारिक बातचीत शुरू होने की संभावना है। ऐसे में कांग्रेस ने गठबंधन में सीट की संख्या को लेकर कई दौर के सर्वे के बाद संभावित संख्या को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस विधानसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन में 115 से 120 सीटों पर लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी का तर्क है कि 2017 में जब सपा सरकार में थी, उस वक्त पार्टी ने गठबंधन में 105 सीट पर चुनाव लड़ा था। ऐसे में वर्ष 2024 के प्रदर्शन के बाद पार्टी की सीट बढ़नी चाहिए।
इस बार तस्वीर अलग
प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि 2017 में सपा सरकार में थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, उस वक्त पार्टी ने 105 सीटों पर चुनाव लड़ा था। उस वक्त पार्टी के पास लोकसभा में सिर्फ 44 सीटें थीं और यूपी से सिर्फ दो सांसद थे। पर अब तस्वीर अलग है। कांग्रेस के पास यूपी में छह के साथ कुल 99 सांसद हैं।
पार्टी नेता यह तर्क भी देते हैं कि सपा पिछले दस वर्षों से सत्ता से बाहर है। वहीं, इन वर्षों में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की छवि मजबूत हुई है। कांग्रेस के साथ गठबंधन से मुस्लिम, दलित और गैर यादव ओबीसी मतदाता जुड़ सकता है। इसलिए, पार्टी को 2017 के मुकाबले अधिक सीटें मिलनीं चाहिए।
राहुल के उठाए मुद्दों से लाभ की उम्मीद
पार्टी रणनीतिकार मानते हैं कि 2024 में समाजवादी पार्टी की 62 में से 37 सीटों पर जीत में गठबंधन की अहम भूमिका थी। राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा में संविधान के मुद्दे को उठाया था और इसका लाभ चुनाव में गठबंधन को मिला।
राहुल पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर युवाओं के साथ खड़े हैं। ऐसे में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी गठबंधन को इसका लाभ मिल सकता है। इसलिए, पार्टी सपा के साथ गठबंधन में 2017 के मुकाबले 10-15 सीटें अधिक मिलने की उम्मीद कर रही है।
2027 में एकजुट होकर 2024 से बेहतर प्रदर्शन करना है : अखिलेश
वार्ता के अनुसार, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में एकजुट होकर 2024 के लोकसभा चुनाव से बेहतर प्रदर्शन करना है। उन्होंने कहा कि जनता ने समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का मन बना लिया है। कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करें कि समाजवादी समर्थक एक भी वोट कम न हो और एक भी वोट छूटने न पाए। भाजपा की साजिशों से सावधान रहें और इस बार किसी तरह का धोखा नहीं होना चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर गरीबों का इलाज मुफ्त कराया जाएगा और इसके लिए किसी कार्ड की जरूरत नहीं होगी। उनकी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा और खेल समेत हर क्षेत्र को बेहतर बनाएगी। प्रदेश में खेल नीति बनाई जाएगी और खेलों के लिए विशेष कोष बनाया जाएगा। किसानों की सुविधाएं बढ़ाने के साथ किसानों और बुनकरों के हित में भी फैसले लिए जाएंगे।