Friday, 30 October 2026
BREAKING
• मुख्यमंत्री की घोषणा से गन्ना उत्पादक किसानों को मिलेगा आर्थिक लाभ, चीनी मिलों को भी पर्याप्त गन्ना होगा उपलब्ध : डॉ. अरविंद शर्मा • कृषि मेले के थीम ने छुआ किसानों का दिल : धनखड़ • जनप्रतिनिधि सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लेने पंचकूला पहुंचे विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण • दीपेन्द्र हुड्डा की मांग- कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 में हरियाणा को मिले मेजबानी • जनसमस्याओं के समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं, अगली जनसुनवाई में दोबारा शिकायत नहीं आनी चाहिए : अनिल विज • मोहब्बत की दुकान’ में जहर बेचने का काम कर रहे राहुल गांधी : नायब सिंह सैनी • 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे अंबाला में ‘आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक-1857’ का लोकार्पण : अनिल विज • हरियाणा के राज्यपाल ने सतीश कुमार को हरियाणा लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद की दिलाई शपथ • पंजाब भाजपा ने जल्द विधानसभा चुनाव कराने की मांग की • संगरूर में 4 नवंबर को कांग्रेस की 'इंसाफ रैली', पौने पांच साल का हिसाब मांगेगी पार्टी: परगट सिंह

राष्ट्रीय

तमिलनाडु: नीलगिरि में बारिश की कमी का असर, चाय की पत्तियों का उत्पादन घटा

Updated on Monday, August 31, 2026 16:27 PM IST

तमिलनाडु के नीलगिरी में चाय उत्पादक हरी पत्तियों के उत्पादन में भारी गिरावट से जूझ रहे हैं, क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश में भारी कमी के कारण बागानों में मिट्टी में नमी की कमी हो गई है। छोटे चाय उत्पादकों का कहना है कि इस सीजन में उत्पादन में आई गिरावट अभूतपूर्व है। जिन बागानों से आम तौर पर हर महीने प्रति एकड़ लगभग 500 किलोग्राम हरी पत्तियां मिलती थीं, वहां अब केवल 200 किलोग्राम के आसपास ही उत्पादन हो रहा है।

उत्पादकों ने इसे कई दशकों में देखी गई सबसे बड़ी गिरावट बताया है। कुछ किसानों ने लंबे समय तक चले सूखे से अपने बागानों को बचाने के लिए स्प्रिंकलर लगाए हैं। हालांकि, सिंचाई के उपकरण खरीदने और चलाने का खर्च कई छोटे उत्पादकों के लिए बहुत अधिक है, जो जिले के चाय सेक्टर का एक बड़ा हिस्सा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बीच-बीच में हुई बारिश से बागानों को बारिश की कमी का कुछ समय तक सामना करने में मदद मिली है। कमी का पूरा असर शायद तभी पता चलेगा, जब आने वाले दिनों में भी सूखा जारी रहे।

आम तौर पर चाय की सालाना पैदावार सात से आठ टन प्रति एकड़ आंकी जाती है, लेकिन अगर इस इलाके में और बारिश नहीं हुई, तो यह पैदावार 50 प्रतिशत तक गिर सकती है। मौजूदा सीजन में ही पैदावार में अनुमानित 10 से 20 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। लंबे समय तक नमी की कमी से लगातार होने वाली कटाई के बीच का समय भी बढ़ सकता है। इससे प्रोसेसिंग फैक्ट्रियों को सप्लाई की जाने वाली हरी पत्तियों की मात्रा और कम हो जाएगी और किसानों की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।

पैदावार में भारी गिरावट के बावजूद खरीद की कीमतें 20 रुपये प्रति किलोग्राम से कम ही बनी हुई हैं, जिससे किसानों को बहुत कम राहत मिल रही है। जानकारों का कहना है कि चाय की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों से तय होती हैं। नतीजतन, नीलगिरी में कम पैदावार का मतलब यह नहीं था कि स्थानीय स्तर पर तोड़ी गई पत्तियों की कीमतें बढ़ जाएंगी। दक्षिण-पश्चिम मानसून, जो आम तौर पर जून से अगस्त तक रहता है, ऊटी और गुडलूर में चाय के बागानों के लिए बहुत अहम है।

कोटागिरी को दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व, दोनों मानसून से फायदा मिलता है, जबकि कूनूर में अधिकतर बारिश उत्तर-पूर्व मानसून के दौरान होती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के खत्म होने के साथ, नीलगिरि में कुल मिलाकर लगभग 55 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है, जिसकी वजह ‘सुपर अल नीनो’ का असर बताया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि पिछले 15 सालों में जिले में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान बारिश की यह सबसे बड़ी कमी है। अब किसान उत्तर-पूर्व मानसून पर उम्मीदें लगाए हुए हैं। जिले के चाय उगाने वाले इलाकों में मिट्टी की नमी को फिर से लाने, पैदावार बढ़ाने और अधिक नुकसान को रोकने के लिए आने वाले मौसम में अच्छी बारिश होना जरूरी माना जा रहा है।

Have something to say? Post your comment
भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी : पीयूष गोयल

: भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी : पीयूष गोयल

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की

: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की

“भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है”– राज्यसभा उपसभापति हरिवंश

: “भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है”– राज्यसभा उपसभापति हरिवंश

बिजली उत्पादन में 15 साल की सबसे मजबूत मासिक बढ़त, अक्टूबर में 24% की वृद्धि: जेफरीज

: बिजली उत्पादन में 15 साल की सबसे मजबूत मासिक बढ़त, अक्टूबर में 24% की वृद्धि: जेफरीज

ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किया आतंकी ढांचा, भारत की रणनीति आतंकियों के खिलाफ परखी हुई : राजनाथ सिंह

: ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किया आतंकी ढांचा, भारत की रणनीति आतंकियों के खिलाफ परखी हुई : राजनाथ सिंह

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय, 1-2 नवंबर को चेन्नई में हो सकती है भारी बारिश

: बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय, 1-2 नवंबर को चेन्नई में हो सकती है भारी बारिश

छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

: छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

पीएम मोदी 30-31 अक्टूबर को करेंगे गुजरात का दौरा, राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में लेंगे भाग

: पीएम मोदी 30-31 अक्टूबर को करेंगे गुजरात का दौरा, राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में लेंगे भाग

पीएम मोदी ने शेयर किया गीता का श्लोक, कहा- ‘जैसी श्रद्धा, वैसा ही होती है मनुष्य की सोच और आचरण’

: पीएम मोदी ने शेयर किया गीता का श्लोक, कहा- ‘जैसी श्रद्धा, वैसा ही होती है मनुष्य की सोच और आचरण’

गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की, हर संभव सहायता का आश्वासन

: गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की, हर संभव सहायता का आश्वासन

X