Friday, 30 October 2026
BREAKING
• मुख्यमंत्री की घोषणा से गन्ना उत्पादक किसानों को मिलेगा आर्थिक लाभ, चीनी मिलों को भी पर्याप्त गन्ना होगा उपलब्ध : डॉ. अरविंद शर्मा • कृषि मेले के थीम ने छुआ किसानों का दिल : धनखड़ • जनप्रतिनिधि सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लेने पंचकूला पहुंचे विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण • दीपेन्द्र हुड्डा की मांग- कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 में हरियाणा को मिले मेजबानी • जनसमस्याओं के समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं, अगली जनसुनवाई में दोबारा शिकायत नहीं आनी चाहिए : अनिल विज • मोहब्बत की दुकान’ में जहर बेचने का काम कर रहे राहुल गांधी : नायब सिंह सैनी • 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे अंबाला में ‘आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक-1857’ का लोकार्पण : अनिल विज • हरियाणा के राज्यपाल ने सतीश कुमार को हरियाणा लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद की दिलाई शपथ • पंजाब भाजपा ने जल्द विधानसभा चुनाव कराने की मांग की • संगरूर में 4 नवंबर को कांग्रेस की 'इंसाफ रैली', पौने पांच साल का हिसाब मांगेगी पार्टी: परगट सिंह

राष्ट्रीय

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.61, 3.833 और 4 को लेकर तेज हुई चर्चा, जानिए कितना बढ़ सकता है वेतन

Updated on Sunday, August 30, 2026 15:21 PM IST

नई दिल्ली : केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। 3 सितंबर को आयोग के गठन के 10 महीने पूरे होने जा रहे हैं और देशभर में विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श का दौर जारी है। आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं और इसे अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। वेतन संशोधन, भत्तों, पेंशन और अन्य सेवा संबंधी मामलों के बीच सबसे अधिक चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है, क्योंकि इसी के आधार पर कर्मचारियों के मूल वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी तय होती है।

फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है जिसके आधार पर वर्तमान मूल वेतन को संशोधित कर नया वेतन तय किया जाता है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपए है, जिसे 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय किया गया था। 6वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.86 रखा गया था, जबकि 7वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 2.57 कर दिया गया था। इसी बदलाव के कारण न्यूनतम मूल वेतन 7,000 रुपए से बढ़कर 18,000 रुपए हो गया था। अब 8वें वेतन आयोग के लिए विभिन्न कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों ने इससे कहीं अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग की है।

सर्वे ऑफ इंडिया की मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन (एमएसए) ने 3.61 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव रखा है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है तो वर्तमान 18,000 रुपए के न्यूनतम मूल वेतन को बढ़ाकर लगभग 64,980 रुपए, यानी करीब 65,000 रुपए किया जा सकता है। दूसरी ओर, नेशनल काउंसिल-जेसीएम (एनसीजेसीएम) स्टाफ साइड और भारत पेंशनर्स समाज (बीपीएस) ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। इस स्थिति में न्यूनतम मूल वेतन करीब 69,000 रुपए तक पहुंच सकता है।

सबसे अधिक मांग भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (बीपीएमएस) ने की है, जिसने 4.00 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का सुझाव दिया है। यदि सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार करती है, तो न्यूनतम मूल वेतन बढ़कर 72,000 रुपए तक पहुंच सकता है। इसका मतलब है कि 3.61 और 4.00 फिटमेंट फैक्टर वाले प्रस्तावों के बीच ही लगभग 7,020 रुपए प्रति माह का अंतर बनता है।

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि 65,000 रुपए, 69,000 रुपए और 72,000 रुपए के ये आंकड़े केवल विभिन्न संगठनों द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर आधारित अनुमान हैं। इन्हें 8वें वेतन आयोग के तहत तय होने वाली अंतिम न्यूनतम सैलरी नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक वेतन वृद्धि केवल फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि नए वेतन मैट्रिक्स, महंगाई भत्ते, अन्य भत्तों और आयोग की अंतिम सिफारिशों पर भी निर्भर करेगी।

पेंशनभोगियों के लिए भी फिटमेंट फैक्टर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पेंशन और कई सेवानिवृत्ति लाभ मूल वेतन से जुड़े होते हैं। यदि उच्च फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी मिलती है तो इसका सीधा फायदा लाखों पेंशनभोगियों को भी मिल सकता है। हालांकि अंतिम प्रभाव का सही आकलन तभी संभव होगा जब आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा और उस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

फिलहाल 8वें वेतन आयोग के समक्ष विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मांगें पहुंच रही हैं और चर्चा जारी है। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अभी अंतिम सिफारिशों का इंतजार करना होगा। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फिटमेंट फैक्टर क्या होगा और कर्मचारियों के वेतन तथा पेंशन में वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी।

 

Have something to say? Post your comment
भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी : पीयूष गोयल

: भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी : पीयूष गोयल

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की

: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की

“भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है”– राज्यसभा उपसभापति हरिवंश

: “भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है”– राज्यसभा उपसभापति हरिवंश

बिजली उत्पादन में 15 साल की सबसे मजबूत मासिक बढ़त, अक्टूबर में 24% की वृद्धि: जेफरीज

: बिजली उत्पादन में 15 साल की सबसे मजबूत मासिक बढ़त, अक्टूबर में 24% की वृद्धि: जेफरीज

ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किया आतंकी ढांचा, भारत की रणनीति आतंकियों के खिलाफ परखी हुई : राजनाथ सिंह

: ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किया आतंकी ढांचा, भारत की रणनीति आतंकियों के खिलाफ परखी हुई : राजनाथ सिंह

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय, 1-2 नवंबर को चेन्नई में हो सकती है भारी बारिश

: बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय, 1-2 नवंबर को चेन्नई में हो सकती है भारी बारिश

छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

: छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

पीएम मोदी 30-31 अक्टूबर को करेंगे गुजरात का दौरा, राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में लेंगे भाग

: पीएम मोदी 30-31 अक्टूबर को करेंगे गुजरात का दौरा, राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में लेंगे भाग

पीएम मोदी ने शेयर किया गीता का श्लोक, कहा- ‘जैसी श्रद्धा, वैसा ही होती है मनुष्य की सोच और आचरण’

: पीएम मोदी ने शेयर किया गीता का श्लोक, कहा- ‘जैसी श्रद्धा, वैसा ही होती है मनुष्य की सोच और आचरण’

गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की, हर संभव सहायता का आश्वासन

: गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की, हर संभव सहायता का आश्वासन

X