Friday, 30 October 2026
BREAKING
• मुख्यमंत्री की घोषणा से गन्ना उत्पादक किसानों को मिलेगा आर्थिक लाभ, चीनी मिलों को भी पर्याप्त गन्ना होगा उपलब्ध : डॉ. अरविंद शर्मा • कृषि मेले के थीम ने छुआ किसानों का दिल : धनखड़ • जनप्रतिनिधि सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लेने पंचकूला पहुंचे विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण • दीपेन्द्र हुड्डा की मांग- कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 में हरियाणा को मिले मेजबानी • जनसमस्याओं के समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं, अगली जनसुनवाई में दोबारा शिकायत नहीं आनी चाहिए : अनिल विज • मोहब्बत की दुकान’ में जहर बेचने का काम कर रहे राहुल गांधी : नायब सिंह सैनी • 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे अंबाला में ‘आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक-1857’ का लोकार्पण : अनिल विज • हरियाणा के राज्यपाल ने सतीश कुमार को हरियाणा लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद की दिलाई शपथ • पंजाब भाजपा ने जल्द विधानसभा चुनाव कराने की मांग की • संगरूर में 4 नवंबर को कांग्रेस की 'इंसाफ रैली', पौने पांच साल का हिसाब मांगेगी पार्टी: परगट सिंह

राष्ट्रीय

चिप डिजाइन से लेकर स्वदेशी एआई मॉडल तक, भारत बना रहा मजबूत तकनीकी इकोसिस्टम: सरकार

Updated on Friday, August 14, 2026 11:45 AM IST

नई दिल्ली : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सेमीकंडक्टर तकनीक के तेजी से विकसित होते दौर में भारत अपनी घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, देश सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के हर महत्वपूर्ण हिस्से में क्षमता विकसित कर रहा है, जिसमें चिप डिजाइन, वेफर फैब्रिकेशन, एडवांस्ड पैकेजिंग, उपकरण निर्माण और कच्ची सामग्री शामिल हैं। अब तक भारत में विभिन्न तकनीकी नोड्स पर सात चिप्स का सफल निर्माण किया जा चुका है, जिनमें 12 नैनोमीटर जैसे उन्नत नोड्स भी शामिल हैं।

सरकार के अनुसार, भारत ने छह राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें कुल निवेश प्रतिबद्धता 1.64 लाख करोड़ रुपए से अधिक है। इन परियोजनाओं में सिलिकॉन और कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब, डिस्प्ले निर्माण इकाइयां और एडवांस्ड पैकेजिंग सुविधाएं शामिल हैं। इनमें से तीन इकाइयों ने व्यावसायिक उत्पादन भी शुरू कर दिया है, जो इस बात का संकेत है कि भारत अब केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक विनिर्माण की दिशा में भी आगे बढ़ चुका है।

फैक्टशीट के मुताबिक, अप्रैल 2026 तक देश की 75 संस्थाओं द्वारा 211 चिप्स का टेप-आउट किया जा चुका है। यह उपलब्धि भारत की बढ़ती घरेलू डिजाइन क्षमता को दर्शाती है और बताती है कि देश अब वैश्विक चिप डिजाइन परिदृश्य में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

सरकार ने जुलाई 2026 में 'सेमिकॉन 2.0' कार्यक्रम को भी मंजूरी दी है, जिसके लिए 1.27 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सेमीकंडक्टर बौद्धिक संपदा (आईपी), चिप डिजाइन और सिस्टम डिजाइन को प्रोत्साहन देना है। सरकार का मानना है कि इससे भारत एक वैश्विक सेमीकंडक्टर डिजाइन हब के रूप में और मजबूत होगा।

सरकारी बयान में कहा गया है कि सेमीकंडक्टर आधुनिक तकनीक की रीढ़ हैं। स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल, उपग्रह, रक्षा प्रणालियां और एआई-आधारित तकनीकें सभी उन्नत चिप्स पर निर्भर हैं। वहीं एआई के विस्तार के साथ हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, विशेष प्रोसेसर और उन्नत चिप्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी कारण सेमीकंडक्टर और एआई तकनीकें एक-दूसरे से गहराई से जुड़ती जा रही हैं।

इस बदलते तकनीकी परिदृश्य को देखते हुए भारत केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वदेशी एआई मॉडल विकसित करने पर भी जोर दे रहा है। इसी दिशा में सरकार की इंडियाएआई मिशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

करीब 10,372 करोड़ रुपए के परिव्यय वाली इंडियाएआई मिशन ने पिछले एक वर्ष में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। जून 2026 तक इस मिशन के तहत उपलब्ध साझा कंप्यूटिंग क्षमता बढ़कर 45,000 से अधिक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) तक पहुंच गई है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 तक 237 परियोजनाओं ने सब्सिडी वाली एआई कंप्यूटिंग सुविधा का उपयोग किया है। इन परियोजनाओं को कुल 93.18 लाख जीपीयू घंटे उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे देश के शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और नवाचारकर्ताओं को एआई मॉडल विकसित करने, उन्हें प्रशिक्षित करने, परीक्षण करने और अनुसंधान गतिविधियां संचालित करने के लिए अपेक्षाकृत कम लागत पर उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग शक्ति प्राप्त हो रही है।

सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य भारतीय नवाचारकर्ताओं के लिए प्रवेश बाधाओं को कम करना और देश में एआई अनुसंधान एवं विकास को गति देना है।

 

Have something to say? Post your comment
भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी : पीयूष गोयल

: भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी : पीयूष गोयल

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की

: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की

“भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है”– राज्यसभा उपसभापति हरिवंश

: “भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है”– राज्यसभा उपसभापति हरिवंश

बिजली उत्पादन में 15 साल की सबसे मजबूत मासिक बढ़त, अक्टूबर में 24% की वृद्धि: जेफरीज

: बिजली उत्पादन में 15 साल की सबसे मजबूत मासिक बढ़त, अक्टूबर में 24% की वृद्धि: जेफरीज

ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किया आतंकी ढांचा, भारत की रणनीति आतंकियों के खिलाफ परखी हुई : राजनाथ सिंह

: ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किया आतंकी ढांचा, भारत की रणनीति आतंकियों के खिलाफ परखी हुई : राजनाथ सिंह

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय, 1-2 नवंबर को चेन्नई में हो सकती है भारी बारिश

: बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय, 1-2 नवंबर को चेन्नई में हो सकती है भारी बारिश

छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

: छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

पीएम मोदी 30-31 अक्टूबर को करेंगे गुजरात का दौरा, राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में लेंगे भाग

: पीएम मोदी 30-31 अक्टूबर को करेंगे गुजरात का दौरा, राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में लेंगे भाग

पीएम मोदी ने शेयर किया गीता का श्लोक, कहा- ‘जैसी श्रद्धा, वैसा ही होती है मनुष्य की सोच और आचरण’

: पीएम मोदी ने शेयर किया गीता का श्लोक, कहा- ‘जैसी श्रद्धा, वैसा ही होती है मनुष्य की सोच और आचरण’

गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की, हर संभव सहायता का आश्वासन

: गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की, हर संभव सहायता का आश्वासन

X