Wednesday, 28 October 2026
BREAKING
• शिपिंग, जहाज निर्माण और समुद्री तकनीक में साझेदारी बढ़ाने की तैयारी, नवंबर में भारत आएंगी 25 प्रमुख साइप्रस कंपनियां • 12वें ब्रिक्स संसदीय सम्मेलन में भाग लेने के बाद लौटा ईरानी प्रतिनिधिमंडल • यूपी एमएलसी चुनाव: कई सीटों पर मतगणना जारी भाजपा ने चार सीटें जीतीं, वाराणसी में सपा का कब्जा • 29 अक्टूबर का पंचांग: दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचें, सुबह 8:17 से 9:44 बजे तक रहेगा अमृतकाल • हरियाणा को 12,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव, गुजरात दौरे पर सैनी सरकार की बड़ी सफलता • चक्रवात 'अर्नब' का असर, 30 अक्टूबर तक 58 ट्रेनें रद्द, कई के समय में बदलाव • ट्रंप ने चुनावी रैली में वेनेजुएला को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कही • भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को यूएई ने दिया 'ऑर्डर ऑफ जायद II' सम्मान • मित्र पीएम मोदी बधाई संदेश के लिए आभार, भारत-ब्राजील मिलकर उठाएंगे वैश्विक दक्षिण की आवाज: लूला • इजरायल चुनाव: एग्जिट पोल में किसी भी खेमे को स्पष्ट बहुमत नहीं

स्वास्थ्य

सब कुछ साफ दिखने के बावजूद क्यों करानी चाहिए नियमित आंखों की जांच?

Updated on Saturday, July 18, 2026 19:01 PM IST

अधिकांश लोग तब तक आंखों के डॉक्टर के पास नहीं जाते, जब तक उन्हें धुंधला दिखाई देना या कोई बड़ी परेशानी महसूस न हो। लेकिन नेत्र विशेषज्ञों का कहना है कि यह सोच खतरनाक साबित हो सकती है। आंखों की कई गंभीर बीमारियां शुरुआती दौर में बिना दर्द और बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होती रहती हैं। ऐसे में नियमित नेत्र जांच आंखों की रोशनी बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।

वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सौम्या शर्मा के अनुसार, ओपीडी में अक्सर लोग पूछते हैं, “मुझे तो सब ठीक दिखाई देता है, फिर आंखों की जांच कराने की क्या जरूरत है?” जबकि हकीकत यह है कि जब तक नजर कमजोर होने का एहसास होता है, तब तक कई बार बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है।

नेत्र विशेषज्ञों के मुताबिक, आंखों की नियमित जांच सिर्फ चश्मे का नंबर बदलने के लिए नहीं होती। इसके जरिए ग्लूकोमा (काला मोतियाबिंद), मोतियाबिंद, डायबिटिक रेटिनोपैथी, रेटिना की बीमारियों और मधुमेह व उच्च रक्तचाप का आंखों पर पड़ने वाला असर भी शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है। समय रहते बीमारी का पता चलने पर इलाज आसान हो जाता है और आंखों की रोशनी लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकती है।

आज के डिजिटल दौर में ड्राई आई (Dry Eye) की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर स्क्रीन का इस्तेमाल, एयर कंडीशनर वाले माहौल में लगातार काम करना और कम पलकें झपकाना इसके प्रमुख कारण हैं।

ड्राई आई के शुरुआती लक्षणों में आंखों में जलन, चुभन, सूखापन, लालपन, बार-बार पानी आना और कभी-कभी धुंधला दिखाई देना शामिल हैं। कई लोग इन्हें सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, यदि समय पर इलाज न कराया जाए, तो गंभीर मामलों में यह कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकती है, संक्रमण का खतरा बढ़ा सकती है और देखने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्क्रीन का उपयोग करते समय 20-20-20 नियम अपनाएं। यानी हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए करीब 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। इसके अलावा पर्याप्त पानी पिएं, नियमित रूप से पलकें झपकाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें।

डॉ. सौम्या शर्मा के अनुसार, यदि आपकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है, या आपको मधुमेह, उच्च रक्तचाप है अथवा परिवार में आंखों की बीमारी का इतिहास रहा है, तो नियमित नेत्र जांच को अपनी स्वास्थ्य दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाएं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार आंखें पूरी तरह सामान्य लगती हैं, लेकिन एक साधारण जांच भविष्य में होने वाली गंभीर समस्याओं को समय रहते पकड़ सकती है। इसलिए हर व्यक्ति को हर 6 से 12 महीने में एक बार आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए।

 

Have something to say? Post your comment
स्ट्रोक दिवस विशेष: समय पर पहचान और इलाज से बच सकती है जान, कम हो सकती है दिव्यांगता

: स्ट्रोक दिवस विशेष: समय पर पहचान और इलाज से बच सकती है जान, कम हो सकती है दिव्यांगता

सोआ में छिपे हैं सेहत के लिए जरूरी पोषक तत्व, शरीर को बीमारियों से लड़ने में करता है मदद

: सोआ में छिपे हैं सेहत के लिए जरूरी पोषक तत्व, शरीर को बीमारियों से लड़ने में करता है मदद

हवा में मौजूद पीएम 2.5 कणों से कैसे बचें? सही मास्क की पहचान और बच्चों के लिए मास्क खरीदने से पहले जान लें ये बातें

: हवा में मौजूद पीएम 2.5 कणों से कैसे बचें? सही मास्क की पहचान और बच्चों के लिए मास्क खरीदने से पहले जान लें ये बातें

क्या आप भी अनजाने में लेड के संपर्क में आ रहे हैं? रोजमर्रा की इन चीजों में छिपा हो सकता है खतरा

: क्या आप भी अनजाने में लेड के संपर्क में आ रहे हैं? रोजमर्रा की इन चीजों में छिपा हो सकता है खतरा

मणिपुर चक्र को जागृत करती है रुद्र मुद्रा, जानें करने का सही तरीका

: मणिपुर चक्र को जागृत करती है रुद्र मुद्रा, जानें करने का सही तरीका

घंटों बैठकर काम करने से होती है कमर में अकड़न? रोज 5 मिनट करें हस्तोत्तानासन

: घंटों बैठकर काम करने से होती है कमर में अकड़न? रोज 5 मिनट करें हस्तोत्तानासन

दिन में थकान से बुरा हाल, रात में टूट जाती है नींद? कहीं मेनोपॉज तो नहीं इसकी वजह

: दिन में थकान से बुरा हाल, रात में टूट जाती है नींद? कहीं मेनोपॉज तो नहीं इसकी वजह

मेनोपॉज के दौरान स्वास्थ्य का रखें ख्याल, संतुलित जीवनशैली और समय पर जांच जरूरी

: मेनोपॉज के दौरान स्वास्थ्य का रखें ख्याल, संतुलित जीवनशैली और समय पर जांच जरूरी

चेहरे की झुर्रियों से हैं परेशान? रोज करें कपोल शक्ति विकासक क्रिया

: चेहरे की झुर्रियों से हैं परेशान? रोज करें कपोल शक्ति विकासक क्रिया

गलत खान-पान बिगाड़ रहा है सेहत, पवनमुक्तासन से पाएं तुरंत राहत

: गलत खान-पान बिगाड़ रहा है सेहत, पवनमुक्तासन से पाएं तुरंत राहत

X