समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर एक बार फिर घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार में बनाए गए हर कॉरिडोर और चौड़ीकरण के पीछे बड़ा घोटाला हुआ है। इसकी बहुसदस्यी न्यायिक जांच हो। वहीं, इसमें संलिप्तों को बख्शा न जाए चाहे वह कोई भी हो।
सपा चीफ ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट कर केंद्र और राज्य की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, भाजपा सरकार के बनाए हर कॉरिडोर और चौड़ीकरण की योजना के पीछे जो घपला-घोटाला है, उसके लिए एक बहुसदस्यी न्यायिक जाँच हो। इसमें संलिप्त न कोई ट्रस्टी बख़्शा जाए, न किसी कमेटी का कोई सदस्य और न ही कोई प्रशासनिक और विकास प्राधिकरण का अधिकारी। इतने बड़े घोटाले इन सबकी मिलीभगत से ही होते हैं। पिछले कुछ सालों में इन कामों से जो भी जुड़ा रहा है और जिन पदाधिकारियों और अधिकारियों ने मुख्य-मुख्य भूमिका निभाई है, उनकी ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से कमाई गयी काली संपत्ति व अकूत धन-संपदा की भी जाँच आम जनता, ईमानदार पत्रकारों व बहुदलीय जनप्रतिनिधियों की निगरानी में हो।'
अखिलेश यादव ने इस पोस्ट के साथ एक वीडियो भी शेयर की। जिसमें अयोध्या में 1940 में बने एक शिव मंदिर को बुलडोजर से गिराया जा रहा है। दरअसल, 11 जून को 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के तहत प्रशासन ने कई मकानों पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। इस दौरान 1940 में बना शिव मंदिर भी ध्वस्त किया गया, जो परिक्रमा पथ की जद में आ रहा था। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
चोरी किया चढ़ावा वापस रख दीजिए, भगवान माफ कर देंगे
इससे पहले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावे में चोरी की जांच कराना सनातन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। अब धर्म को आगे बढ़ाने वाले पुजारियों की जांच अधिकारी करेंगे तो यह सनातन का अपमान होगा। प्रभु श्रीराम के चढ़ावे में कोई बात हुई है तो कैमरे बंद करके चोरी किया चढ़ावा वापस रख दीजिए। भगवान माफ कर देंगे। वह रविवार को विजन इंडिया संवाद के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पीडीए का अर्थ प्रेम, दया और अपनापन बताया।
राम मंदिर में गबन के आरोपों से साधु संतों में आक्रोश
उधर, अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे की राशि में कथित गबन के मामले को लेकर साधु-संतों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम महाराज ने ट्रस्ट को तत्काल भंग करने तथा इसके महासचिव चंपत राय को पद से हटाने की मांग की है। प्रयागराज में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्वामी महेशाश्रम महाराज ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावे के सात करोड़ रुपये से अधिक के कथित गबन के मामले में राज्य सरकार द्वारा विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर जांच शुरू की गई है, लेकिन निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए ट्रस्ट के वर्तमान स्वरूप में बदलाव आवश्यक है।