Thursday, 29 October 2026
BREAKING
• मुख्यमंत्री की घोषणा से गन्ना उत्पादक किसानों को मिलेगा आर्थिक लाभ, चीनी मिलों को भी पर्याप्त गन्ना होगा उपलब्ध : डॉ. अरविंद शर्मा • कृषि मेले के थीम ने छुआ किसानों का दिल : धनखड़ • जनप्रतिनिधि सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लेने पंचकूला पहुंचे विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण • दीपेन्द्र हुड्डा की मांग- कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 में हरियाणा को मिले मेजबानी • जनसमस्याओं के समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं, अगली जनसुनवाई में दोबारा शिकायत नहीं आनी चाहिए : अनिल विज • मोहब्बत की दुकान’ में जहर बेचने का काम कर रहे राहुल गांधी : नायब सिंह सैनी • 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे अंबाला में ‘आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक-1857’ का लोकार्पण : अनिल विज • हरियाणा के राज्यपाल ने सतीश कुमार को हरियाणा लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद की दिलाई शपथ • पंजाब भाजपा ने जल्द विधानसभा चुनाव कराने की मांग की • संगरूर में 4 नवंबर को कांग्रेस की 'इंसाफ रैली', पौने पांच साल का हिसाब मांगेगी पार्टी: परगट सिंह

दुनिया

UK Divorce Case: 20 साल पुराने तलाक केस में पत्नी की बड़ी जीत, भारतीय मूल की महिला को मिले 85 करोड़ रुपये

Updated on Friday, June 05, 2026 09:48 AM IST

ब्रिटेन (UK) में भारतीय मूल की ब्रिटिश महिला Varsha Gohil को अपने एक्स पति Bhadresh Gohil से तलाक के मुआवजे के तौर पर 6.6 मिलियन पाउंड (लगभग 85 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम भुगतान मिला है। इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि अदालत में झूठ बोलने और अपनी संपत्ति छिपाने वाले पार्टनर को कानून कभी नहीं बख्शता।

इस पूरे कानूनी मामले की शुरूआत साल 2002 में शुरू हुई थी, जब तीन बच्चों की मां वर्षा गोहिल ने अपने पति भद्रेश के अनुचित व्यवहार और बेवफाई (Cheating) से परेशान होकर तलाक की अर्जी दी थी। उस वक्त भद्रेश ने चालाकी दिखाते हुए अपनी असली दौलत छिपा ली। शुरुआती वित्तीय समझौता बेहद साधारण था, जिसमें वर्षा ने महज 2.70 लाख पाउंड (करीब 3.5 करोड़ रुपये) और परिवार की एक पुरानी प्यूज़ो (Peugeot) कार लेकर अलग होना स्वीकार कर लिया। हालांकि, वर्षा को हमेशा से शक था कि उनके पति ने अपनी पूरी जायदाद और कमाई का खुलासा अदालत के सामने नहीं किया है, लेकिन उस समय उनके पास इसे साबित करने के लिए कोई पुख्ता सबूत नहीं थे।


एक बड़े घोटाले ने खोल दी पति की पोल
तलाक के कई सालों बाद अचानक बाजी पलट गई। वर्षा का शक तब हकीकत में बदल गया जब भद्रेश गोहिल का नाम नाइजीरिया के एक पूर्व गवर्नर (जेम्स इबोरी) से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग के एक बहुत बड़े घोटाले में सामने आया। अधिकारियों की जांच में पता चला कि भद्रेश एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे, जो फर्जी ऑफशोर कंपनियों और क्लाइंट खातों के जरिए करोड़ों पाउंड की हेराफेरी कर रहा था। साल 2011 में ब्रिटिश अदालत ने भद्रेश को धोखाधड़ी, जालसाजी और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश का दोषी पाते हुए 10 साल जेल की सजा सुना दी।


बंद पड़ा केस दोबारा खुला, सुप्रीम कोर्ट ने दिया ऐतिहासिक फैसला
आपराधिक जांच के दौरान सरकारी वकीलों ने भद्रेश की दुनिया भर में फैली लगभग 28 मिलियन पाउंड (करीब 360 करोड़ रुपये) की बेनामी संपत्तियों को फ्रीज (जब्त) कर लिया। इन संपत्तियों का मूल तलाक के केस के दौरान कहीं कोई जिक्र नहीं था। इन नए खुलासों के दम पर वर्षा गोहिल ने अपने पुराने तलाक के मामले को दोबारा खोलने के लिए लंबी अदालती लड़ाई लड़ी। यह विवाद UK Supreme Court तक जा पहुंचा। साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने एक नजीर बनने वाला फैसला सुनाते हुए वर्षा को केस दोबारा खोलने की इजाजत दी। जजों ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, "यदि कोई जीवनसाथी जानबूझकर अपनी संपत्तियों को छिपाता है या बेईमानी करता है, तो कानून उसे उस बेईमानी का फायदा उठाने की इजाजत कभी नहीं दे सकता।"


केस दोबारा खुलने के बाद भी वर्षा की राह आसान नहीं थी। ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सरकारी अभियोजन पक्ष) का तर्क था कि जब्त की गई सारी संपत्ति अपराध और काले धन से कमाई गई है, इसलिए इसे सरकार को जब्त कर लेना चाहिए। दूसरी तरफ, वर्षा का दावा था कि इस संपत्ति का कुछ हिस्सा शादी के दौरान कानूनी और वैध व्यापार से कमाया गया था, इसलिए इस पर उनका वैवाहिक अधिकार (Matrimonial Property) बनता है। वहीं, दोषी भद्रेश अदालत में यह पैंतरा चल रहा था कि यह संपत्तियां उसकी हैं ही नहीं।


हाई कोर्ट का अंतिम फैसला: भद्रेश को बताया 'महाबेईमान'
अंततः यह मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां जस्टिस विलियम्स ने जब्त संपत्ति के हर एक हिस्से की बारीकी से जांच की। जज ने पाया कि पूरी संपत्ति में से करीब 6.66 मिलियन पाउंड की दौलत पूरी तरह 'बेदाग' और legitimate sources से अर्जित की गई थी, जिसे साझा matrimonial property माना गया। अदालत ने यह पूरी रकम वर्षा गोहिल को सौंपने का आदेश दिया। फैसला सुनाते हुए जस्टिस विलियम्स ने भद्रेश गोहिल की कड़ी आलोचना की और कहा, "बेईमानी और उसके बुरे नतीजों के मामले में इस पति का आचरण सबसे निचले स्तर का है। वह हर मोड़ पर पूरी तरह झूठा साबित हुआ है।" कोर्ट ने यह भी कहा कि 'गोहिल' केस का नाम दुनिया भर के वकीलों और जजों के जेहन में हमेशा रहेगा क्योंकि इसने कानून का एक बेहद पेचीदा रास्ता तय किया है।

हाल ही में यूके की Court of Appeal ने स्पष्ट कर दिया है कि इस फैसले के खिलाफ अब आगे कोई अपील स्वीकार नहीं की जाएगी, जिसके साथ ही यह 24 साल पुरानी कानूनी लड़ाई वर्षा गोहिल की शानदार जीत के साथ समाप्त हो गई।

 

Have something to say? Post your comment
राष्ट्रपति ट्रंप के रूसी डीजल सौदे पर रोक के लिए अमेरिकी सांसदों ने पेश किया विधेयक

: राष्ट्रपति ट्रंप के रूसी डीजल सौदे पर रोक के लिए अमेरिकी सांसदों ने पेश किया विधेयक

दक्षिणी इथियोपिया में सांप्रदायिक हिंसा ने हजारों लोगों को विस्थापित किया: संयुक्त राष्ट्र

: दक्षिणी इथियोपिया में सांप्रदायिक हिंसा ने हजारों लोगों को विस्थापित किया: संयुक्त राष्ट्र

स्पेन में भीषण ट्रेन हादसा, यूएन प्रमुख गुटेरेस ने जताया गहरा दुख

: स्पेन में भीषण ट्रेन हादसा, यूएन प्रमुख गुटेरेस ने जताया गहरा दुख

ट्रंप ने चुनावी रैली में वेनेजुएला को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कही

: ट्रंप ने चुनावी रैली में वेनेजुएला को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कही

भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को यूएई ने दिया 'ऑर्डर ऑफ जायद II' सम्मान

: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को यूएई ने दिया 'ऑर्डर ऑफ जायद II' सम्मान

इजरायल चुनाव: एग्जिट पोल में किसी भी खेमे को स्पष्ट बहुमत नहीं

: इजरायल चुनाव: एग्जिट पोल में किसी भी खेमे को स्पष्ट बहुमत नहीं

बोल्सोनारो का ब्राजील छोड़ना 'शर्मनाक': लूला

: बोल्सोनारो का ब्राजील छोड़ना 'शर्मनाक': लूला

भारत दौरा मेरे लिए सम्मान की बात, संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध : युवराज लिकटेंस्टीन

: भारत दौरा मेरे लिए सम्मान की बात, संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध : युवराज लिकटेंस्टीन

अमेरिकी कर्मचारियों की जगह कम वेतन वाले विदेशियों को रखने वाली कंपनियों पर कार्रवाई करेंगे वेंस

: अमेरिकी कर्मचारियों की जगह कम वेतन वाले विदेशियों को रखने वाली कंपनियों पर कार्रवाई करेंगे वेंस

ट्रंप प्रशासन का फैसला: नॉर्दर्न मरियाना आइलैंड्स में चीनी पर्यटकों की वीजा-फ्री यात्रा की सस्पेंड

: ट्रंप प्रशासन का फैसला: नॉर्दर्न मरियाना आइलैंड्स में चीनी पर्यटकों की वीजा-फ्री यात्रा की सस्पेंड

X