Wednesday, 28 October 2026
BREAKING
• हरियाणा में 12,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर MoU, गुजरात दौरे पर सीएम नायब सैनी ने की उद्योगपतियों से मुलाकात • 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम में शामिल हुए हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण • हादसा देख मंत्री कृष्णलाल पंवार ने रुकवाया काफिला, घायल चालक को पायलट गाड़ी से भिजवाया अस्पताल • शिक्षा, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से देश एवं प्रदेश के विकास में अपना अहम योगदान दें युवा : राज्यपाल घोष • Happening Haryana 2.0: नायब सैनी का मिशन—हरियाणा के हर क्षेत्र में उद्योग, हर हाथ को काम और युवाओं को उद्यमी बनने का अवसर • आंदोलन और कानून के सहारे जेजेपी बचाएगी सीडीएलयू की बेशकीमती जमीन - दिग्विजय चौटाला • मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की घोषणाएं, भुंतर में खुलेगा विद्युत सब-डिवीजन; सीवरेज के लिए 22 करोड़ रुपये मंजूर • कुल्लू दशहरा के भव्य समापन पर सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान, देवी-देवताओं के मानदेय में की बढ़ोतरी • घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल करवाना चाहती है कांग्रेस? अपना रुख स्पष्ट करे : बिंदल • पंजाब राज्य सूचना आयोग ने राज्यपाल को भेंट की ‘आरटीआई एंड गुड गवर्नेंस’ पुस्तक

हरियाणा

नमो भारत को 'राष्ट्र-नमन' से जोड़कर मनोहर लाल ने दी नई मिसाल; केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को दी जानकारी

Updated on Sunday, October 18, 2026 20:13 PM IST

नई दिल्ली : केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने ‘नमो भारत’ नाम की एक नई व्याख्या प्रस्तुत करते हुए कहा कि इसका अर्थ केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसके पीछे भारत को नमन करने और राष्ट्र के प्रति सम्मान प्रकट करने की भावना भी निहित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि इस परियोजना का नाम रखने के पीछे राष्ट्र नमन का भाव रहा है, तो नामकरण करने वाली टीम बधाई और सराहना की पात्र है।

शनिवार को नमो भारत दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य सदस्यों को संबोधित करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि नमो भारत दिवस अपने आप में विशेष महत्व रखता है। 20 अक्तूबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहिबाबाद में दिल्ली-मेरठ क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली के प्राथमिक खंड का शुभारंभ किया था। इसी ऐतिहासिक शुरुआत की स्मृति में नमो भारत दिवस मनाया जाता है।

मनोहर लाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2024 में उन्हें दिल्ली के श्री फोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला था। इसके बाद उन्होंने नमो भारत के एक खंड पर यात्रा भी की। उन्होंने इस यात्रा को बेहद आनंददायक बताते हुए कहा कि उसी दिन उन्हें इस आधुनिक परिवहन प्रणाली की विशेषताओं और अनुभव का प्रत्यक्ष एहसास हुआ था।

केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में उपस्थित लोगों से सवाल किया कि नमो भारत का नाम रखते समय ‘नमो’ शब्द का चयन क्यों किया गया होगा। उन्होंने जब लोगों से इसका अर्थ पूछा, तो जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम सामने आया। मनोहर लाल ने कहा कि यह स्वाभाविक है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तित्व, उनकी लोकप्रियता और लोगों के मन में उनके प्रति सम्मान ऐसा है कि ‘नमो’ शब्द सुनते ही उनका नाम ध्यान में आता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस नाम की व्याख्या केवल प्रधानमंत्री के नाम तक सीमित नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं कभी यह नहीं चाहा कि कोई परियोजना उनके नाम पर शुरू की जाए, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं राष्ट्र प्रथम की भावना को आगे रखते हैं। मनोहर लाल के अनुसार, कई योजनाओं और परियोजनाओं के नामों में प्रधानमंत्री से संबंधित शब्दों का प्रयोग किया गया है, लेकिन प्रधानमंत्री ने ‘नमो’ शब्द जोड़ने पर भी हमेशा जोर नहीं दिया।

ऐसे में संभव है कि नमो भारत नाम के पीछे कोई अन्य गहरा विचार भी रहा हो। मनोहर लाल ने ‘नमो’ शब्द की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक व्याख्या करते हुए कहा कि संस्कृत में ‘नमः’ का अर्थ नमन करना, झुकना और प्रणाम करना होता है। उन्होंने ‘ओम नमः शिवाय’ और ‘नमो नारायण’ जैसे प्रचलित मंत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन अभिव्यक्तियों में किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि श्रद्धा और सम्मान का भाव प्रमुख होता है।

उन्होंने इसी संदर्भ में ‘नमो भारत’ का अर्थ भारत को नमन करने के रूप में प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, इस नाम में देश के प्रति प्रेम, राष्ट्र के प्रति सम्मान और भारत के गौरव को स्वीकार करने की भावना देखी जा सकती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि नामकरण करने वाली टीम ने इसी गहरी भावना के साथ ‘नमो भारत’ नाम का चयन किया है, तो वह बधाई और प्रशंसा की पात्र है। उन्होंने कहा कि यदि यह विचार पहले से नामकरण के पीछे रहा है, तो यह सराहनीय है और यदि इस दृष्टिकोण से पहले विचार नहीं किया गया, तो आज से इस भाव को अपनाया जाना चाहिए।

मनोहर लाल ने एन.सी.आर.टी.सी. के अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि उन्हें नमो भारत परिवार का सदस्य होने पर गौरव का अनुभव करना चाहिए। उन्होंने इस नाम को केवल एक परिवहन परियोजना की पहचान के रूप में न देखते हुए राष्ट्रीय भावना और देश के प्रति सम्मान से जोड़ने का आह्वान किया। ऐसे में उनके संबोधन का मूल संदेश यह रहा कि आधुनिक परिवहन सुविधाओं के विकास के साथ-साथ उनसे जुड़ी पहचान और नामों में निहित भावनाओं को भी समझना आवश्यक है। ‘नमो भारत’ को भारत के प्रति नमन और राष्ट्रगौरव की भावना से जोड़ते हुए उन्होंने इस परियोजना से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्य पर गर्व करने का संदेश दिया।

शहरी परिवहन की नई पहचान बनकर उभरी है मैट्रो
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि महानगरों में जाम से जूझती जिंदगी, सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें और काम के बाद घर लौटने में लगने वाले घंटों के बीच मैट्रो रेल देश के शहरी परिवहन की नई पहचान बनकर उभरी है। पिछले एक दशक में भारत ने मैट्रो नेटवर्क के विस्तार के मामले में लंबी छलांग लगाई है।

केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि वर्ष 2014 में देश में मैट्रो नेटवर्क की लंबाई 248 किलोमीटर थी, जो अब बढ़कर 1186 किलोमीटर हो गई है। उन्होंने कहा कि मैट्रो नेटवर्क के मामले में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है और अगले दो साल में निर्धारित लक्ष्य हासिल कर अमेरिका को भी पीछे छोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मैट्रो ने महानगरों में लोगों के सफर का तरीका बदल दिया है। पहले जहां काम पर जाने और घर लौटने में काफी समय खर्च हो जाता था, वहीं आधुनिक परिवहन सुविधाओं के विस्तार से लोगों को समय बचाने और परिवार के साथ अधिक समय बिताने का अवसर मिल रहा है। मनोहर लाल ने कहा कि देश में मैट्रो की विकास यात्रा वर्ष 2002 में दिल्ली से शुरू हुई, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिल्ली मैट्रो की शुरुआत की।

इसके बाद यह परिवहन व्यवस्था धीरे-धीरे दूसरे महानगरों तक पहुंची और आज देश के कई शहरों में मैट्रो आम नागरिकों की जरूरत बन चुकी है। वर्ष 2014 में देश के केवल पांच शहरों में मैट्रो सेवाएं संचालित थीं। इसके बाद नए कॉरिडोर बनाने, पुराने नैटवर्क का विस्तार करने और आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया गया।

मनोहर लाल ने कहा कि आम आदमी रिक्शा, साइकिल, बस और कार सहित विभिन्न साधनों से सफर करता है, लेकिन मैट्रो की यात्रा अपेक्षाकृत सुगम, तेज और किफायती होती है। इससे महानगरों में रहने वाले लोगों के दैनिक जीवन में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि यदि यातायात की बेहतर व्यवस्था नहीं हो तो व्यक्ति घंटों जाम में फंसा रहता है। कार्यालय से घर पहुंचते-पहुंचते वह थककर चूर हो जाता है और परिवार को समय नहीं दे पाता। कई बार भोजन और आराम की दिनचर्या भी प्रभावित होती है। मैट्रो जैसी सुविधाएं इस समस्या को कम करने में मदद करती हैं।

उन्होंने कहा कि मैट्रो का लाभ केवल यात्रा तक सीमित नहीं है। इससे रोजगार केंद्रों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान होती है। निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने से ईंधन की खपत और सड़कों पर यातायात का दबाव घटाने में भी मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि मैट्रो नेटवर्क के विस्तार से शहरी परिवहन अधिक भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में योगदान मिला है।

तेजी से बढ़ रही है शहरी आबादी
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ने तेजी से बढ़ते शहरीकरण को भविष्य की बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि देश की आबादी और शहरों में रहने वाले लोगों की संख्या बढ़ने के साथ रोजगार, आवास, यातायात, उद्योग और बुनियादी सुविधाओं की मांग भी बढ़ेगी। उन्होंने कार्यक्रम में कहा कि वर्तमान में देश की आबादी करीब 140 करोड़ है, जो 2037 तक 180 करोड़ हो सकती है। इसी तरह उन्होंने शहरी आबादी का हिस्सा वर्तमान के लगभग 37 प्रतिशत से बढ़कर 2037 तक 50 प्रतिशत होने की संभावना जताई।

मनोहर लाल ने कहा कि बढ़ते शहरों में केवल सड़कें बनाना पर्याप्त नहीं होगा। लोगों को समय पर कार्यालय, बाजार और घर तक पहुंचाने के लिए तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था भी विकसित करनी होगी। मैट्रो के साथ बस, रेलवे और दूसरे परिवहन साधनों का बेहतर तालमेल शहरी विकास को गति दे सकता है। उन्होंने बताया कि हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए भी मैट्रो तथा क्षेत्रीय रेल नैटवर्क का विस्तार महत्वपूर्ण है।

मनोहर लाल ने कहा कि आने वाले समय में दिल्ली से करनाल, दिल्ली से बावल होते हुए शाहजहांपुर तथा गुरुग्राम से जेवर तक के कॉरिडोर पर काम शुरू किया जाएगा। इनमें दिल्ली-करनाल का प्रस्तावित संपर्क विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत आर.आर.टीएस कॉरिडोर की योजना को दिल्ली और हरियाणा के बीच तेज क्षेत्रीय परिवहन संपर्क के रूप में आगे बढ़ाया गया है।

दिल्ली के सराय काले खां से करनाल तक प्रस्तावित इस कॉरिडोर की लंबाई लगभग 136.3 किलोमीटर है। इसमें 21 स्टेशनों की योजना है, जिसमें भविष्य के कुछ स्टेशन भी शामिल हैं। खास बात यह है कि दिल्ली मैट्रो के चौथे चरण में भी नैटवर्क विस्तार पर काम जारी है। केंद्र सरकार ने रिठाला से कुंडली कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इसकी प्रस्तावित लंबाई 26.46 किलोमीटर है और अनुमानित लागत 6230.99 करोड़ रुपए है। इस कॉरिडोर से दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और हरियाणा के कुंडली क्षेत्र के बीच संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

Have something to say? Post your comment
हरियाणा में 12,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर MoU, गुजरात दौरे पर सीएम नायब सैनी ने की उद्योगपतियों से मुलाकात

: हरियाणा में 12,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर MoU, गुजरात दौरे पर सीएम नायब सैनी ने की उद्योगपतियों से मुलाकात

12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम में शामिल हुए हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण

: 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम में शामिल हुए हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण

हादसा देख मंत्री कृष्णलाल पंवार ने रुकवाया काफिला, घायल चालक को पायलट गाड़ी से भिजवाया अस्पताल

: हादसा देख मंत्री कृष्णलाल पंवार ने रुकवाया काफिला, घायल चालक को पायलट गाड़ी से भिजवाया अस्पताल

शिक्षा, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से देश एवं प्रदेश के विकास में अपना अहम योगदान दें युवा : राज्यपाल घोष

: शिक्षा, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से देश एवं प्रदेश के विकास में अपना अहम योगदान दें युवा : राज्यपाल घोष

Happening Haryana 2.0: नायब सैनी का मिशन—हरियाणा के हर क्षेत्र में उद्योग, हर हाथ को काम और युवाओं को उद्यमी बनने का अवसर

: Happening Haryana 2.0: नायब सैनी का मिशन—हरियाणा के हर क्षेत्र में उद्योग, हर हाथ को काम और युवाओं को उद्यमी बनने का अवसर

धान के दाम में उचित बढ़ोतरी नहीं, डीएपी की किल्लत, महंगा डीजल और बढ़ती बिजली दरों ने किसानों की कमर तोड़ी : राव नरेंद्र सिंह

: धान के दाम में उचित बढ़ोतरी नहीं, डीएपी की किल्लत, महंगा डीजल और बढ़ती बिजली दरों ने किसानों की कमर तोड़ी : राव नरेंद्र सिंह

आंदोलन और कानून के सहारे जेजेपी बचाएगी सीडीएलयू की बेशकीमती जमीन - दिग्विजय चौटाला

: आंदोलन और कानून के सहारे जेजेपी बचाएगी सीडीएलयू की बेशकीमती जमीन - दिग्विजय चौटाला

सीएचजेयू ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर पत्रकारों की मांगों बारे सौंपा ज्ञापन

: सीएचजेयू ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर पत्रकारों की मांगों बारे सौंपा ज्ञापन

महर्षि वाल्मीकि ने सामाजिक समरसता, समानता और संस्कारों का दिया संदेश : धनखड़

: महर्षि वाल्मीकि ने सामाजिक समरसता, समानता और संस्कारों का दिया संदेश : धनखड़

गुरुग्राम की सड़कों को धूल-मिट्टी से मुक्त करें, नियमित हो पानी का छिड़काव : राव नरबीर सिंह

: गुरुग्राम की सड़कों को धूल-मिट्टी से मुक्त करें, नियमित हो पानी का छिड़काव : राव नरबीर सिंह

X