निर्माणाधीन ढांचागत परियोजनाओं में निर्धारित मानकों के अनुपालन के साथ- साथ संरक्षा संस्कृति व गुणवत्ता सजगता को और बेहतर करने के लिए, उत्तर रेलवे ने 2x 25 केवी ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) अपग्रेडेशन कार्यों के संबंध में संरक्षा और गुणवत्ता पर संगोष्ठी-सह-संवाद सत्रों की एक व्यापक श्रृंखला का आयोजन किया।
इन शिविरों का आयोजन अक्टूबर 2026 के दौरान चार प्रमुख स्थानों, दिनांक 01.10.2026 को जलंधर, दिनांक 05.10.2026 को अंबाला, दिनांक 09.10.2026 को मुरादाबाद, और दिनांक 12.10.2026 को लखनऊ पर सफलतापूर्वक किया गया । इस पहल में 550 प्रतिभागी शामिल हुए । इनमें 42 अधिकारी, 169 मंडलीय टीआरडी (TRD) कर्मचारी, 112 प्रोजेक्ट यूनिट के कर्मचारी (अंबाला और लखनऊ विद्युतीकरण प्रोजेक्ट यूनिट से), और 227 ठेकेदार/एजेंसी के कर्मचारी शामिल थे।
प्रमुख फोकस क्षेत्र
सत्रों के दौरान तकनीकी प्रस्तुतियाँ और इंटरैक्टिव चर्चाएँ आयोजित की गईं, जो 2x 25 केवी अपग्रेडेशन कार्यों के सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन के निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित थीं:
• कर्मचारी संरक्षा: सामान्य संरक्षा सावधानियों, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (PPE) के उपयोग, सुरक्षित कार्य संस्कृति और जोखिमपूर्ण कार्यों से बचाव पर बल ।
• रेलवे परिचालन और बुनियादी ढांचे की संरक्षा: रेलवे ट्रैक के पास क्रेन, जेसीबी (JCB) और excavators (उत्खनन यंत्रों) का सुरक्षित संचालन के साथ-साथ रेल परिचालन, ट्रैक, सिग्नलिंग और दूरसंचार (S&T) प्रणालियों तथा अन्य रेल परिसंपत्तियों की संरक्षा ।
• निर्माण और संस्थापन में गुणवत्ता: स्वीकृत ड्राइंग, तकनीकी विनिर्देशों और निर्धारित प्रक्रियाओं का सख्ती से अनुपालन करते हुए फाउंडेशन कास्टिंग, मास्ट इरेक्शन, एलाइनमेंट और ग्राउटिंग के दौरान संरक्षा और गुणवत्ता की जांच करना।
• ओएचई (OHE) और पीएसआई (PSI) कार्य: मौजूदा रेल बुनियादी ढांचे और energized ओएचई के निकट फीडर वायर/एईसी (AEC) इरेक्शन, बीईसी (BEC) लेइंग और संबंधित कार्यों का सुरक्षित निष्पादन।
• आपातकालीन तैयारी: प्रतिकूल मौसम के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, दुर्घटना रिपोर्टिंग और बचाव व्यवस्था।
• भूमिकाएं और जवाबदेही: सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने में रेल अधिकारियों, प्रोजेक्ट यूनिट के कर्मियों, पर्यवेक्षकों (supervisors) और ठेकेदार के कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और जवाबदेही की स्पष्ट समझ।
• क्षेत्रीय अनुभवों से सीखना: संभावित खतरों की पहचान करने और उनकी पुनरावृत्ति को रोकने के लिए संरक्षा घटनाओं व्यावहारिक चुनौतियों और पिछले अनुभवों को साझा करना।
परिणाम और आगे की दिशा
इस अभियान ने इस बात पर जोर दिया कि संरक्षा और गुणवत्ता प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी हैं । रेलवे अधिकारियों, प्रोजेक्ट यूनिटों और अनुबंधित एजेंसियों के बीच संवाद को बढ़ावा देकर, इन शिविरों ने काम शुरू होने से पहले सक्रिय रूप से खतरों की पहचान करने, जोखिम को कम करने, तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन करने और क्षेत्रीय घटनाओं से लगातार सीखने की प्रवृति को प्रोत्साहन दिया।
उत्तर रेलवे इन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को व्यवस्थित रूप से निष्पादित करने, सर्वोच्च गुणवत्ता मानकों का अनुपालन करने तथा कर्मियों की सुरक्षा, निर्बाध ट्रेन परिचालन और परिसंपत्तियों की संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है । हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत भी यही है :- संरक्षा पहले • गुणवत्ता हमेशा • कोई शॉर्टकट नहीं • कोई समझौता नहीं