Wednesday, 28 October 2026
BREAKING
• पश्चिमी कमान के तत्वावधान में वज्र कोर द्वारा लुधियाना में पंजाब राज्य स्तरीय भूतपूर्व सैनिक रैली का भव्य आयोजन • शिपिंग, जहाज निर्माण और समुद्री तकनीक में साझेदारी बढ़ाने की तैयारी, नवंबर में भारत आएंगी 25 प्रमुख साइप्रस कंपनियां • 12वें ब्रिक्स संसदीय सम्मेलन में भाग लेने के बाद लौटा ईरानी प्रतिनिधिमंडल • यूपी एमएलसी चुनाव: कई सीटों पर मतगणना जारी भाजपा ने चार सीटें जीतीं, वाराणसी में सपा का कब्जा • 29 अक्टूबर का पंचांग: दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचें, सुबह 8:17 से 9:44 बजे तक रहेगा अमृतकाल • हरियाणा को 12,000 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव, गुजरात दौरे पर सैनी सरकार की बड़ी सफलता • चक्रवात 'अर्नब' का असर, 30 अक्टूबर तक 58 ट्रेनें रद्द, कई के समय में बदलाव • ट्रंप ने चुनावी रैली में वेनेजुएला को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कही • भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को यूएई ने दिया 'ऑर्डर ऑफ जायद II' सम्मान • मित्र पीएम मोदी बधाई संदेश के लिए आभार, भारत-ब्राजील मिलकर उठाएंगे वैश्विक दक्षिण की आवाज: लूला

राष्ट्रीय

‘सेवा में निष्ठापूर्वक लगे रहना ही संसार का श्रेष्ठ पुण्य कर्म,’ पीएम मोदी ने साझा किया सुभाषित

Updated on Wednesday, October 07, 2026 12:31 PM IST

नई दिल्ली(एजेंसी) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सुभाषित साझा किया। सुभाषित संदेश में बताया गया है कि बिना किसी स्वार्थ के निरंतर लोक-कल्याण और सेवा कार्य करने से समाज में मान-सम्मान मिलता है।

पीएम मोदी की ओर से एक्स पर लिखा, “नित्यं परिचरेच्चैव तद्वै सुकृतमुत्तमम्।कीर्तिं पुण्यं यशो लोकान् प्राप्स्यसे राजसत्तम।।” इस श्लोक का अर्थ है, व्यक्ति को स्वयं में सेवा-भाव नित्य रखना चाहिए, क्योंकि सेवा में निष्ठापूर्वक लगे रहना ही संसार का श्रेष्ठ पुण्य कर्म है। अतः सेवा करने से मनुष्य को कीर्ति, यश और उत्तम लोकों की प्राप्ति होती है।

प्रधानमंत्री की ओर से साझा किया गया संस्कृत श्लोक महाभारत के शांतिपर्व से लिया गया है। यह श्लोक निःस्वार्थ सेवा, कर्तव्यपरायणता और सदाचार के महत्व को दर्शाता है। यह संदेश देता है कि जब कोई राजा या व्यक्ति बिना किसी स्वार्थ के निरंतर लोक-कल्याण और सेवा कार्यों में लगा रहता है, तो उसे समाज में अपार आदर, मान-सम्मान और अमर कीर्ति प्राप्त होती है।

इस श्लोक का हिंदी अर्थ है, “राजाओं में श्रेष्ठ! (मनुष्य को) प्रतिदिन समर्पित भाव से सेवा (कर्तव्य का पालन) करनी चाहिए, क्योंकि यही सबसे उत्तम और श्रेष्ठ सत्कर्म है। ऐसा करने से तुम (संसार में) कीर्ति, पुण्य, यश और उच्च लोकों (प्रतिष्ठा) को प्राप्त करोगे।”

इसके पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी की ओर से संस्कृत श्लोक, “ज्ञानवांश्च तथा वाग्मी कर्मस्वपि च निष्ठितः। एवं युक्तोऽपि न श्रेयान् यदि शीलविवर्जितः॥” साझा किया गया था। इसका भावार्थ है कि जो मनुष्य ज्ञानवान्, वाग्मी और कर्मों में निपुण होने के साथ शील एवं सदाचार से युक्त होता है, वही इस संसार में वास्तव में श्रेष्ठ कहलाता है।

यह श्लोक महाराजा भोज द्वारा रचित सुप्रसिद्ध वास्तुशास्त्र ग्रंथ ‘समराङ्गणसूत्रधार’ के 44वें अध्याय का 16वां श्लोक है। इस श्लोक में एक उत्तम चरित्र और सदाचार के महत्व के बारे में बताया गया है। इस श्लोक के माध्यम से बताया गया है कि कोई व्यक्ति चाहे कितना भी बड़ा ज्ञानी हो, बहुत अच्छा वक्ता (बोलने में कुशल) हो और अपने काम में पूरी तरह निपुण व निष्ठावान हो, यदि उसमें अच्छा चरित्र (शील) नहीं है, तो वह समाज में आदरणीय या कल्याणकारी नहीं माना जा सकता।

Have something to say? Post your comment
शिपिंग, जहाज निर्माण और समुद्री तकनीक में साझेदारी बढ़ाने की तैयारी, नवंबर में भारत आएंगी 25 प्रमुख साइप्रस कंपनियां

: शिपिंग, जहाज निर्माण और समुद्री तकनीक में साझेदारी बढ़ाने की तैयारी, नवंबर में भारत आएंगी 25 प्रमुख साइप्रस कंपनियां

12वें ब्रिक्स संसदीय सम्मेलन में भाग लेने के बाद लौटा ईरानी प्रतिनिधिमंडल

: 12वें ब्रिक्स संसदीय सम्मेलन में भाग लेने के बाद लौटा ईरानी प्रतिनिधिमंडल

यूपी एमएलसी चुनाव: कई सीटों पर मतगणना जारी भाजपा ने चार सीटें जीतीं, वाराणसी में सपा का कब्जा

: यूपी एमएलसी चुनाव: कई सीटों पर मतगणना जारी भाजपा ने चार सीटें जीतीं, वाराणसी में सपा का कब्जा

चक्रवात 'अर्नब' का असर, 30 अक्टूबर तक 58 ट्रेनें रद्द, कई के समय में बदलाव

: चक्रवात 'अर्नब' का असर, 30 अक्टूबर तक 58 ट्रेनें रद्द, कई के समय में बदलाव

‘अर्नब’ चक्रवात : मुख्यमंत्री नायडू ने की अधिकारियों के साथ समीक्षा, कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरे

: ‘अर्नब’ चक्रवात : मुख्यमंत्री नायडू ने की अधिकारियों के साथ समीक्षा, कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरे

चक्रवात अर्नब ने आंध्र तट पर किया लैंडफॉल, 150 किमी प्रतिघंटा तक चल सकती हैं हवाएं

: चक्रवात अर्नब ने आंध्र तट पर किया लैंडफॉल, 150 किमी प्रतिघंटा तक चल सकती हैं हवाएं

पीएम मोदी ने साझा किया सुभाषित, कहा— ‘जनता और राष्ट्र की सेवा करना ही सुशासन का मूल आधार’

: पीएम मोदी ने साझा किया सुभाषित, कहा— ‘जनता और राष्ट्र की सेवा करना ही सुशासन का मूल आधार’

चक्रवात ‘अर्नब’ के ओडिशा की ओर बढ़ने पर प्रशासन अलर्ट, 313 रिस्पॉन्स टीमें तैनात : सुरेश पुजारी

: चक्रवात ‘अर्नब’ के ओडिशा की ओर बढ़ने पर प्रशासन अलर्ट, 313 रिस्पॉन्स टीमें तैनात : सुरेश पुजारी

भारतीय रेलवे में स्टेशन मास्टर के 1,265 पदों पर भर्ती, 25 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन

: भारतीय रेलवे में स्टेशन मास्टर के 1,265 पदों पर भर्ती, 25 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन

विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 के विजेताओं को आज सम्मानित करेंगे केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी

: विकसित भारत बिल्डाथॉन 2025 के विजेताओं को आज सम्मानित करेंगे केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी

X