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दुनिया

भारत और कनाडा आर्थिक पूरकताओं के आधार पर मजबूत वित्तीय साझेदारी का निर्माण कर सकते हैं: वित्त मंत्री सीतारमण

Updated on Friday, August 28, 2026 13:20 PM IST

टोरंटो/नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि भारत और कनाडा के पास वित्तीय क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाई तक ले जाने और दीर्घकालिक निवेश साझेदारियां विकसित करने का बड़ा अवसर है। उन्होंने दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच मौजूद पूरकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत और कनाडा मिलकर अधिक व्यापक और भविष्य उन्मुख आर्थिक संबंध स्थापित कर सकते हैं।

टोरंटो में आयोजित उच्चस्तरीय भारत-कनाडा बिजनेस राउंडटेबल को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि भारत अपनी विशाल बाजार क्षमता, तेज आर्थिक वृद्धि और निवेश अवसर प्रदान करता है, जबकि कनाडा के पास दीर्घकालिक पूंजी, मजबूत संस्थागत ढांचा और वित्तीय विशेषज्ञता है। कार्यक्रम में कनाडा के वित्त एवं राष्ट्रीय राजस्व मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन भी उपस्थित थे।

वित्त मंत्रालय ने बताया कि सीतारमण ने कहा कि भारत और कनाडा के आर्थिक संबंधों में हाल के समय में नई गति देखने को मिली है और अब इस सकारात्मक माहौल को वित्तीय क्षेत्र में गहरे सहयोग तथा मजबूत निवेश साझेदारियों में परिवर्तित करने की आवश्यकता है।

वित्त मंत्री ने पिछले एक दशक में भारत में हुए व्यापक आर्थिक और वित्तीय सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एसेट क्वालिटी रिव्यू, दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, 4आर रणनीति और ईएएसई सुधारों जैसे कदमों ने भारतीय बैंकिंग प्रणाली को पहले की तुलना में अधिक मजबूत और स्थिर बनाया है।

सीतारमण ने कहा, "भारत और कनाडा अब यह तलाश रहे हैं कि डिजिटल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से वित्तीय सहयोग को और कैसे मजबूत किया जा सकता है, जिसमें आसान भुगतान व्यवस्था, सीमा-पार धन हस्तांतरण और नागरिकों के लिए अधिक डिजिटल भुगतान विकल्प शामिल हैं।"

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल दोनों देशों के बीच अधिक गहरी और जन-केंद्रित साझेदारी की मजबूत नींव रख सकती है।

वित्त मंत्री ने भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती का उल्लेख करते हुए बताया कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) अनुपात मार्च 2018 के 11.18 प्रतिशत से घटकर मार्च 2025 में 2.31 प्रतिशत रह गया, जो पिछले दो दशकों का सबसे निचला स्तर है।

उन्होंने भारत के वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में आए बदलावों को भी रेखांकित किया। सीतारमण ने कहा कि पूंजी बाजारों की गहराई बढ़ी है, बीमा क्षेत्र का विस्तार हुआ है, फिनटेक नवाचारों को गति मिली है और जैम, यूपीआई, अकाउंट एग्रीगेटर तथा इंडिया स्टैक जैसे डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना प्लेटफॉर्म ने वित्तीय समावेशन और डिजिटल लेनदेन को नई दिशा दी है।

वित्त मंत्री ने कनाडाई वित्तीय संस्थानों को गिफ्ट इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (गिफ्ट आईएफएससी) में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का भी आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग, फंड प्रबंधन, पुनर्बीमा, सतत वित्त, वैश्विक क्षमता केंद्र, विमान एवं जहाज लीजिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश और सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

सीतारमण ने बताया कि दोनों देशों के बीच हुई चर्चाओं का केंद्र तीन प्रमुख विषय रहे। पहला, वैश्विक और घरेलू व्यापक आर्थिक विकास तथा दोनों देशों की नीति प्राथमिकताओं का आकलन। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बीच भी उल्लेखनीय आर्थिक मजबूती का प्रदर्शन किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत और कनाडा की अर्थव्यवस्थाएं कई क्षेत्रों में एक-दूसरे की पूरक हैं और निवेश तथा आर्थिक सहयोग को और गहरा करने की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक विकास, वित्तीय नवाचार और निवेश विस्तार का आधार बन सकती है।

 

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