Wednesday, 28 October 2026
BREAKING
• हरियाणा में 12,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर MoU, गुजरात दौरे पर सीएम नायब सैनी ने की उद्योगपतियों से मुलाकात • 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम में शामिल हुए हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण • हादसा देख मंत्री कृष्णलाल पंवार ने रुकवाया काफिला, घायल चालक को पायलट गाड़ी से भिजवाया अस्पताल • शिक्षा, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से देश एवं प्रदेश के विकास में अपना अहम योगदान दें युवा : राज्यपाल घोष • Happening Haryana 2.0: नायब सैनी का मिशन—हरियाणा के हर क्षेत्र में उद्योग, हर हाथ को काम और युवाओं को उद्यमी बनने का अवसर • आंदोलन और कानून के सहारे जेजेपी बचाएगी सीडीएलयू की बेशकीमती जमीन - दिग्विजय चौटाला • मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की घोषणाएं, भुंतर में खुलेगा विद्युत सब-डिवीजन; सीवरेज के लिए 22 करोड़ रुपये मंजूर • कुल्लू दशहरा के भव्य समापन पर सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान, देवी-देवताओं के मानदेय में की बढ़ोतरी • घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल करवाना चाहती है कांग्रेस? अपना रुख स्पष्ट करे : बिंदल • पंजाब राज्य सूचना आयोग ने राज्यपाल को भेंट की ‘आरटीआई एंड गुड गवर्नेंस’ पुस्तक

चंडीगढ़

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए गठित की तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय कमेटी

Updated on Saturday, August 30, 2025 09:26 AM IST

राजस्व विभाग, जल संसाधन और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी

राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की दैनिक आधार पर निगरानी भी करेगी

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके मुख्य सचिव बचाव और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से सुनि‍श्‍च‍ित करें

राज्य सरकार लोगों को इस संकट से निकालने के लिए प्रतिबद्ध और कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी

नदियों से अधिकतम पानी निकालने के लिए हरियाणा और राजस्थान को पहले ही पत्र लिखकर भेजा है

बाढ़ प्रभावित गांव व इलाके में डेंगू के लार्वा का पता लगाने के लिए समर्पित एंटी-लार्वा टीमें तैनात करें

चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय कमेटी का गठन किया है, जो राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की दैनिक आधार पर निगरानी करेगी। यहां बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग, जल संसाधन और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों वाली यह कमेटी अमृतसर और अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों में स्थायी रूप से तैनात रहेगी। मुख्य सचिव को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बचाव और राहत कार्यों को और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने के लिए कहा।

संकट से निकालने के लिए प्रतिबद्ध

उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस उच्च-स्तरीय समिति के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि बाढ़ पीड़ितों को अत्यंत आवश्यक राहत प्रदान की जा सके। राज्य सरकार लोगों को इस संकट से निकालने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने नालों/नालियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने के लिए भी कहा ताकि दुर्गंध को रोकने के साथ-साथ इससे होने वाली बीमारियों के फैलाव को रोका जा सके।

1988 में सबसे भयानक बाढ़ आई

भगवंत सिंह मान ने कहा कि राहत कार्यों में तेजी लाने का एकमात्र उद्देश्य लोगों को अधिकतम राहत प्रदान करना होना चाहिए। पहाड़ी राज्यों से नदियों में जलस्तर बढ़ने से राज्य में स्थिति गंभीर हो गई है। आज तक रावी नदी में 14.11 लाख क्यूसेक पानी आया है, जो अब तक इस नदी में सबसे अधिक है। यहां तक कि जब 1988 में राज्य में सबसे भयानक बाढ़ आई थी, तब भी 11.20 लाख क्यूसेक पानी आया था। सरकार ने नदियों से अधिकतम पानी निकालने के लिए हरियाणा और राजस्थान को पहले ही पत्र लिखकर भेज दिया है।

पांच जिलों में भारतीय सेना तैनात

बाढ़ प्रभावित पांच जिलों में भारतीय सेना को पहले ही तैनात किया जा चुका है और राज्य की मशीनरी व उपकरणों का उपयोग कर प्रशासन द्वारा सेना के साथ मिलकर राहत कार्य चलाए जा रहे हैं। NDRF की 17 टीमें राहत कार्यों के लिए तैनात की गई हैं ताकि पीड़ित लोगों का बचाव किया जा सके। मुख्यमंत्री को बताया गया कि बाढ़ के कारण फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जा रहे हैं और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान

राहत और बचाव कार्यों के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारी दिन-रात लोगों की मदद के लिए जुटे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नदियों के किनारे टूटे तटबंधों को भरने के साथ-साथ मेडिकल टीमों को प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। राहत कार्यों के साथ-साथ मेडिकल टीमें पानी के नमूने लेने, घरों और गांवों के अंदर व बाहर स्प्रे का छिड़काव, पानी का क्लोरीनीकरण, बुखार का सर्वेक्षण, मलेरिया और डेंगू का समय पर पता लगाने के लिए कार्ड टेस्ट और सैनिटरी नैपकिन व मच्छरदानी वितरण के कार्यों के लिए तैयार रहें।

लोगों को राशन उपलब्ध कराया जाए

जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग को गांवों में साफ और पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने के लिए पानी के टैंकरों को तब तक सेवा में लगाया जाए, जब तक जल आपूर्ति योजनाओं के माध्यम से आपूर्ति पूरी तरह से बहाल नहीं हो जाती। इसी तरह पानी की गुणवत्ता जांचने वाली टीमें सभी गांवों में पानी की गुणवत्ता की जांच करें ताकि किसी भी महामारी के फैलाव से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को पानी के साथ-साथ सूखे राशन की किट, चीनी, चावल, आटा, घी, दूध पाउडर उपलब्ध कराया जाए।

गांवों में मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात

बाढ़ प्रभावित निचले गांवों से पानी निकालने के लिए पंपिंग कार्य पहले ही युद्धस्तर पर चल रहे हैं। उन्होंने मंडी बोर्ड और लोक निर्माण विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुलों, सड़कों और सरकारी इमारतों को हुए नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण करने के लिए भी कहा। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों और मेडिकल शिविरों के माध्यम से और यहां तक कि उनके घरों पर जाकर चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए। गांवों में मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात की जाएं ताकि लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा सकें।

व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों में डेंगू के लार्वा का पता लगाने के लिए समर्पित एंटी-लार्वा टीमें तैनात की जाएं। विशेष टीमें गांवों का दौरा कर लोगों को मलेरिया, डेंगू, दस्त, टाइफाइड और त्वचा संबंधी समस्याओं जैसी बीमारियों को रोकने के उपायों के बारे में जागरूक करें। इन बीमारियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। गांवों में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाने के साथ-साथ फॉगिंग टीमें तैनात की जाएं और सैनिटरी व मनरेगा कार्यकर्ताओं को गांवों की सफाई का कार्य सौंपा जाए।

पशु चिकित्सा टीमें तैनात की जाएं

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बचाव और राहत कार्यों को और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने के लिए कहा। मुख्य सचिव को बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा करना चाहिए और सरकारी तंत्र को पूरी तरह से झोंक देना चाहिए। भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि प्रभावित पशुओं के उपचार और टीकाकरण, पशुओं के कीटाणु नाशन और चारा/फीड की व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पशु चिकित्सा टीमें तैनात की जाएं। इस अवसर पर स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और अन्य उपस्थित रहे।

Have something to say? Post your comment
चंडीगढ़ में Student  नैतिक ह/त्याकांड के शूटर का Encounter! पुलिस ने किए खुलासे

: चंडीगढ़ में Student नैतिक ह/त्याकांड के शूटर का Encounter! पुलिस ने किए खुलासे

रेलवे के बाद पावर सेक्टर को भी निजी हाथों में सौंप रही भाजपा सरकार - दुष्यंत चौटाला

: रेलवे के बाद पावर सेक्टर को भी निजी हाथों में सौंप रही भाजपा सरकार - दुष्यंत चौटाला

कड़ी सुरक्षा के बीच राजोआना को PGI लाया गया

: कड़ी सुरक्षा के बीच राजोआना को PGI लाया गया

सुखना आर्द्रभूमि और सौज झील को नई सूची में जोड़ा गया, भारत के वेटलैंड की संख्या 103 हुई

: सुखना आर्द्रभूमि और सौज झील को नई सूची में जोड़ा गया, भारत के वेटलैंड की संख्या 103 हुई

चंडीगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में पनीर की खेप बरामद

: चंडीगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में पनीर की खेप बरामद

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाला : ईडी ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 जगहों पर की छापेमारी

: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाला : ईडी ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 जगहों पर की छापेमारी

चंडीगढ़ में बम की धमकियों पर पुलिस अलर्ट, स्टेकहोल्डर्स के साथ की बड़ी बैठक

: चंडीगढ़ में बम की धमकियों पर पुलिस अलर्ट, स्टेकहोल्डर्स के साथ की बड़ी बैठक

पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा ‘फेस्टश्रिफ्ट: ए ट्रिब्यूट टू द एकेडमिक लीडरशिप एंड मेंटरशिप ऑफ प्रो. भीम एस. दहिया’ का लोकार्पण

: पंजाब विश्वविद्यालय द्वारा ‘फेस्टश्रिफ्ट: ए ट्रिब्यूट टू द एकेडमिक लीडरशिप एंड मेंटरशिप ऑफ प्रो. भीम एस. दहिया’ का लोकार्पण

चंडीगढ़ को Drugs Free बनाने की डेडलाइन तय, 30 सितंबर के बाद SHO पर गिरेगी गाज

: चंडीगढ़ को Drugs Free बनाने की डेडलाइन तय, 30 सितंबर के बाद SHO पर गिरेगी गाज

सेक्टर 45 सी के मकानों का इलाका नई लुक में आएगा नजर, वी-6 सड़कों के किनारे लगेगी टाइल

: सेक्टर 45 सी के मकानों का इलाका नई लुक में आएगा नजर, वी-6 सड़कों के किनारे लगेगी टाइल

X